अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 22 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। ग्राम सेन्धोपारा के पटवारी सौरभ गोस्वामी को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर की टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई ग्रामीण रूप सिंह की शिकायत पर की गई, जिन्होंने पटवारी की अवैध मांग का पर्दाफाश करने के लिए जाल बिछाया।
मामला महामाया कोयला खदान जरही से जुड़ा है। प्रार्थी रूप सिंह ने बताया कि उनके और उनकी बहन के नाम पर ग्राम सेन्धोपारा, तहसील प्रतापपुर में स्थित जमीन को खदान प्रबंधन द्वारा अधिग्रहित किया गया है। नामांतरण की प्रक्रिया और नौकरी के लिए पटवारी सौरभ गोस्वामी ने प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में 25,000 रुपये की मांग की थी। रूप सिंह ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया और उन्हें रंगे हाथों पकड़वाने के इरादे से अंबिकापुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच में सारी बातें सही पाई गईं। बुधवार को विशेष ट्रैप टीम ने जाल बिछाया और पटवारी को रिश्वत की राशि लेते ही दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) 1988 की धारा 7 (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पूछताछ में पटवारी ने अपना अपराध कबूल कर लिया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हिस्सा है। जिले में पटवारियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रूप सिंह ने कहा, "मैंने रिश्वत नहीं दी, क्योंकि यह मेरे अधिकार का सवाल था। ऐसी कार्रवाई से आम आदमी को न्याय मिलेगा।
स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई की सराहना हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारियों द्वारा जमीन के नामांतरण और अन्य दस्तावेजों के नाम पर रिश्वतखोरी की शिकायतें आम हैं।



