अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।
संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के कल्याण ज्वेलर्स शो‑रूम के कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी ने कल्याण धनलक्ष्मी स्कीम के नाम से ग्राहक को झांसा देकर करीब 5 लाख 72 हजार रुपये की ठगी कर दी। शिकायत पर थाना गांधीनगर पुलिस ने अपराध दर्ज करते हुए आरोपी को रायपुर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने बताया कि मिशन चौक अम्बिकापुर निवासी पीड़ित अविनाश कुमार 2 जुलाई 2025 को कल्याण ज्वेलर्स बनारस रोड के शो‑रूम पहुंचा, जहां कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी ने कल्याण धनलक्ष्मी स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि जिस दिन जितना नगद जमा होगा, उसी दिन के सोने के भाव के हिसाब से उतनी कीमत का सोना उनके नाम से शो‑रूम में जमा रहेगा और बाद में वह नगद या सोना वापस ले सकता है। इस विश्वास में आकर अविनाश ने 5000 रुपये मासिक निवेश के लिए यहां खाता खुलवाया और नियमित जमा शुरू कर दी।
ऐसे दिया झांसा
प्रारम्भ में राजेश कुमार तिवारी ने पीड़ित को 30 हजार रुपये क्यूआर कोड के माध्यम से मात्र 10 दिनों में जमा करने के लिए कहा और कुछ दिनों बाद उसी खाते में 40 हजार रुपये वापस कर दिखाई ऐसे फायदे का वादा किया कि स्कीम में रजिस्टर्ड ग्राहकों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इस झांसे में आकर पीड़ित ने 11 नवंबर से 22 दिसंबर 2025 तक कई बार QR कोड के माध्यम से कुल 7 लाख 59 हजार रुपये खाते में जमा कर दिए, लेकिन बाद में उसे केवल 1 लाख 87 हजार रुपये वापस मिले।
दुकान में शिकायत पर हुई टालमटोल
पीड़ित को जब यह भान हुआ कि उसे जो आश्वासन दिया गया है वह पूरा नहीं हो रहा है, तो उसने कल्याण ज्वेलर्स पहुंचकर राजेश तिवारी के बारे में पूछताछ की, लेकिन दुकान पर उसके धांधली और अन्य लोगों ने उसे टालमटोल कर दिया। इस पर अविनाश कुमार ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें 5 लाख 72 हजार रुपये की ठगी का दावा किया गया। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस‑318(4) के तहत अपराध क्रमांक 197/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
इस तरह हुई जांच
डीआईजी और एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देश पर थाना गांधीनगर पुलिस ने कड़ी जांच करते हुए पीड़ित से बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल और व्हाट्सएप चैट का प्रिंटआउट लेकर केस की तहकीकात की, जिससे राजेश कुमार तिवारी द्वारा धोखाधड़ी की जानकारी प्रमाणित हुई। पुलिस ने आरोपी का पता लगाकर रायपुर से उसे हिरासत में लिया, जहां गहन पूछताछ के बाद उसने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। आरोपी के कब्जे से एक वनप्लस मोबाइल फोन और सिम कार्ड जप्त कर लिए गए हैं, जिससे उसके द्वारा भेजे गए QR कोड और व्हाट्सएप चैट के आधार पर धोखाधड़ी की श्रृंखला सामने आई।
कार्रवाई में यह रहे सक्रिय
थाना गांधीनगर पुलिस टीम, जिसमें निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, घनश्याम देवांगन और मोतीलाल केरकेट्टा सक्रिय रहे, ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य शामिल आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।



