अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक ।।
सरगुजा के सरगवां स्थित बिरला ओपन माइंड अंतर्राष्ट्रीय विद्यालय पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। 10 अप्रैल 2026 को डीईओ द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में कई गंभीर उल्लंघन पाए गए, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन को दो दिनों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीईओ दिनेश कुमार झा बताया कि निरीक्षण के दौरान कक्षा 1 से 8वीं तक की किताबें व कापियां एक ही दुकान मेसर्स किताब घर से बंडल के रूप में क्रय करने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने का प्रमाण मिला। जॉच में पाया गया कि एनसीईआरटी किताबों के अलावा अधिकांश पुस्तकें निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें हैं, जबकि सीबीएसई संबद्धता उपनियम 2018 के क्लॉज 2.4.7 का स्पष्ट उल्लंघन हुआ। फील्ड ट्रिप, वर्कशॉप व सेमिनार के नाम पर अवैध शुल्क वसूली, यूनिफॉर्म व किताबों की सूची स्कूल वेबसाइट या सूचना पटल पर न चस्पा करना, रजिस्ट्रेशन, एडमिशन व सुरक्षा निधि शुल्क वसूलना, जो छत्तीसगढ़ शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निषिद्ध है।
स्कूल के 864 छात्रों से वसूली गई कुल फीस का 50% जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। यह कार्रवाई कलेक्टर सरगुजा की 24 नवंबर 2025 की बैठक, डीईओ के पूर्व पत्रों (11 फरवरी 2026 व 1 अप्रैल 2026) व 7 अप्रैल 2026 की अशासकीय विद्यालयों की बैठक के निर्देशों के उल्लंघन पर आधारित है। प्राचार्य/प्रबंधक को पत्र प्राप्ति के 2 दिनों में जवाब देने का आदेश दिया गया।
अभिभावकों की लंबी शिकायतें
यह पहला मामला नहीं है; पहले भी अभिभावकों ने पीएमओ तक शिकायतें कीं, जहां स्कूल पर एक दुकान से सामान खरीदने का दबाव व महंगी निजी किताबें चलाने का आरोप लगा। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों पर फीस विनियमन सख्त हो चुका है, हाईकोर्ट ने 2020 अधिनियम को वैध ठहराया व उल्लंघन पर 1-10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है।



