अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सदैव महिला सशक्तिकरण और महिला आरक्षण का समर्थन किया है। इसी कड़ी में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक को राज्यसभा से पारित कर ऐतिहासिक पहल की थी।किन्तु वर्तमान में एनडीए सरकार द्वारा महिला आरक्षण की आड़ में 131वां संविधान संशोधन विधेयक को जिस प्रकार आनन-फानन में लाने की तैयारी की जा रही है, वह कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। चुनावी माहौल के बीच इस तरह की जल्दबाज़ी स्वाभाविक रूप से संदेह उत्पन्न करती है। यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी कौन सी आपात परिस्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसके चलते इतनी त्वरित कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, यह आचार संहिता के उल्लंघन की आशंका भी पैदा करता है।जब देश में नई जनगणना की प्रक्रिया प्रगति पर है, तब 2011 की पुरानी जनगणना के आधार पर परिसीमन करने का विचार न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि लोकतंत्र और नए मतदाताओं के साथ अन्याय भी है। इससे देश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच अनावश्यक असंतुलन और विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके अतिरिक्त, इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित करने के बजाय विपक्षी दलों से अलग-अलग चर्चा करना, तथा व्यापक विचार-विमर्श और राज्यों को विश्वास में लिए बिना निर्णय लेना, लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। सरकार की यह एकतरफा कार्यशैली लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। लोकतंत्र ‘आम सहमति’ और संवाद की भावना से चलता है, न कि एकतरफा निर्णयों से। अतः केंद्र सरकार को चाहिए कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दलों, राज्यों और संबंधित पक्षों से विधिवत परामर्श कर व्यापक सहमति के आधार पर आगे बढ़े।



