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ब्रेकिंग: सरगुजा में निजी स्कूलों की मनमानी पर डीईओ हुए सख्त..! बैठक में दावा के उलट मिली व्यवस्था.. लुट पर फटकार, निजी किताबें होगी वापस

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 8 अप्रैल 2026।

निजी स्कूलों की मनमानी की बढ़ती शिकायतों के बीच जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा दिनेश कुमार झा के द्वारा आज  अशासकीय शिक्षण संस्थाओं की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई।  जिसमें  सहायक संचालक रविशंकर तिवारी समेत होली क्रॉस कान्वेंट, मॉन्ट फोर्ड, कार्मेल स्कूल, बिरला ओपन माइंड जैसे प्रमुख निजी स्कूलों के प्राचार्य व प्रतिनिधि उपस्थित हुए। हालिया शिकायतों के चलते यह बैठक आयोजित की गई, जहां खबरी गुल्लक सहित अन्य मीडिया प्लेटफार्म  से प्राप्त जानकारी जिसमें अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल महंगी रेफरल पुस्तकें, कॉपियां, यूनिफॉर्म व अन्य सामग्री एक निश्चित दुकान से खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं, के संबंध में जानकारी लेते हुए कड़ी फटकार लगाई गई। 

यह गड़बड़ी हुई उजागर

बैठक में प्रारंभिक रूप से अधिकांश स्कूलों ने इन आरोपों से इंकार किया, लेकिन विस्तृत पूछताछ में सच्चाई सामने आई। बिरला ओपन माइंड के प्राचार्य मनोज कर्माकर ने स्वीकारा कि मुंबई मुख्यालय से निर्धारित किताबें अम्बिकापुर के स्कूल वर्ल्ड दुकान से ली जा रही हैं, जबकि सभी स्कूलों ने 10 माह की फीस का दावा किया लेकिन 12 माह की वसूली के सबूत मिले। कार्मेल स्कूल की प्राचार्य सिस्टर लिगी मोल ने बताया कि कक्षा 5 तक केवल निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ाई जा रही हैं, एनसीईआरटी को नजरअंदाज किया जा रहा है। मॉन्ट फोर्ड के ब्रदर सेवक गैब्रियल ने आशा बुक डिपो व अन्य दुकानों को पुस्तक सूची देने की बात मानी, जो सांठगांठ का प्रमाण है। कक्षा 1 से 8 तक किताबों-कॉपियों का बंडल 3500 से 8000 रुपये तक महंगा पाया गया, जो एनसीईआरटी से 10 गुना अधिक है।

 जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

1 - एनसीईआरटी/सीबीएसई/SCERT किताबें अनिवार्य, सभी स्कूलों में इन्हें पढ़ाना जरूरी

2- पालक- शिक्षक मीटिंग 13 अप्रैल तक,  सभी अभिभावकों को बताएं कि वे किसी भी दुकान से किताबें- कॉपियां खरीद सकते हैं।

3 - निजी किताबें वापस कराएं,  जिन्होंने खरीद ली हैं, उन्हें तुरंत रिटर्न करें, जांच में एक भी मिली तो दंडात्मक कार्रवाई।

4- रेफरल पुस्तकों की PDF उपलब्ध, फोटोकॉपी व पुरानी किताबें  पुस्तकालय में कक्षावार 5 सेट रखें।

5- सीबीएसई बाय-लॉ का पालन, क्लॉज 2.4.2009 के तहत 45 दिन पहले सूची वेबसाइट पर अपलोड, जिला प्रशासन से अनुमति लें।

6- फीस विनियमन, छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस अधिनियम 2020 व 11 फरवरी 2026 के पत्र का कड़ाई से पालन, 9 सदस्यीय समिति से अनुमोदन अनिवार्य।

7- शिकायत पर 10 गुना दंड प्रमाणित शिकायत पर वसूली गई राशि से 10 गुना जुर्माना।

ये निर्देश स्कूलों को पारदर्शिता व अभिभावक हितों की रक्षा के लिए हैं, जो सीबीएसई एफिलिएशन बाय- लॉज 2018 व राज्य नियमों पर आधारित हैं।


## अभिभावकों को राहत व आगे की कार्रवाई

यह कदम निजी स्कूलों के अवैध लाभ व अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जिला शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी कि उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई होगी, जिसमें मान्यता रद्द करने तक की स्थिति शामिल है। अभिभावक अब स्वतंत्र रूप से सस्ती किताबें खरीद सकेंगे, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।



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