अम्बिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 8 अप्रैल 2026
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में आज बुधवार सायं स्थानीय पुस्तक विक्रेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरगुजा जिले के प्रमुख पुस्तक विक्रेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का उद्देश्य अभिभावकों से प्राप्त शिकायतों का समाधान करना और पुस्तक विक्रय प्रक्रिया को पारदर्शी व सुगम बनाना था। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई और विक्रेताओं को सख्त निर्देश जारी किए गए।
बैठक की शुरुआत में जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा दिनेश कुमार झा ने अभिभावकों की प्रमुख शिकायतों पर ध्यान दिलाया कि अभिभावक बताते हैं कि पुस्तक विक्रेताओं द्वारा पुस्तकें बंडल में बेची जा रही हैं और पुस्तकों के साथ कॉपियां खरीदना अनिवार्य किया जा रहा है। इस पर विक्रेताओं ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने इन शिकायतों को निराधार बताते हुए कहा कि बंडल अभिभावकों की सुविधा के लिए ही तैयार किए जाते हैं। कोई भी दुकान पुस्तकें बेचने के लिए बाध्य नहीं करती, बल्कि मांग अनुसार ही पुस्तकें व कॉपियां उपलब्ध कराई जाती हैं। फिर भी जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से बंडल बनाकर पुस्तकें बेचने का कार्य बंद किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभिभावकों पर किसी प्रकार का दबाव न डाला जाए, खासकर कमजोर वर्ग के अभिभावकों पर। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कोई दबाव न बनाएं, क्योंकि कई बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं।
प्रमुख अशासकीय स्कूलों की पुस्तकों पर चर्चा
जिला शिक्षा अधिकारी ने विक्रेताओं से प्रमुख अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की एनसीईआरटी पुस्तकों के विक्रय की जानकारी ली। विक्रेताओं ने बताया कि सभी दुकानों में हर स्कूल की पुस्तकें उपलब्ध नहीं होतीं, बल्कि आपसी समझ से पुस्तकें रखी गई हैं। वर्तमान में 80 प्रतिशत पुस्तकें बिक चुकी हैं, जबकि शेष 20 प्रतिशत जुलाई माह तक बेच दी जाएंगी।
छूट और पुस्तक सूची पर सुझाव
पुस्तकों में छूट के मुद्दे पर विक्रेताओं ने स्पष्ट किया कि पुस्तकों की कीमतें निर्धारित रहती हैं और कोई छूट नहीं दी जाती। हालांकि, अभिभावकों की सुविधा के लिए कॉपियों पर ही छूट प्रदान की जाती है। इसके अलावा, विक्रेताओं ने सुझाव दिया कि जनवरी माह तक सभी स्कूलों से रेट-वाइज पुस्तकों की सूची उपलब्ध कराई जाए। इससे पुस्तकों की उपयोगिता, महंगाई के कारण और सिलेबस के अनुरूप होने की जांच के बाद ही दुकानों में रखी जा सकेंगी।
अनिवार्य घोषणा पत्र लगाने के निर्देश
सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने बुक डिपो में निम्नलिखित घोषणा पत्र अवश्य लगाएं:
हमारे संस्थान में किसी भी स्कूल की कोई किताब सिंगल, डबल या आप जितनी चाहे उतनी ले सकते हैं। केवल उपलब्ध रहने पर ही किताबें दी जाती हैं। पूरा सेट लेना अनिवार्य नहीं है। कॉपियां लेना भी अनिवार्य नहीं हैं। हमारे यहां बंडल में किताबें नहीं बेची जाती हैं। पुस्तक/कॉपी एवं अन्य सामग्री लेने हेतु कोई दबाव नहीं है।
जांच टीम गठन और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिला शिक्षा अधिकारी ने विक्रेताओं को अवगत कराया कि जिला स्तर पर पुस्तकों से संबंधित शिकायतों के लिए जांच टीम गठित की गई है। यदि बंडल बिक्री या कॉपियां अनिवार्य करने जैसी कोई शिकायत प्रमाणित पाई गई, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायत मिलने पर शिकायतकर्ता से बुक डिपो का नाम लिया जाएगा और उसकी तत्काल जांच होगी। ऐसी स्थिति बिल्कुल न बने, इसका विशेष ध्यान रखें। बैठक के अंत में सभी विक्रेताओं को जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया। इसके बाद बैठक समाप्त हो गई। यह कदम अभिभावकों के हित में पारदर्शी पुस्तक विक्रय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।



