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झोला.. बोरा में फोकट में पटाखा लेने वाले जिम्मेदार बने रहे धृतराष्ट्र...! बड़े रिहायशी इलाके में बारूद से प्रश्न ए यक्ष..

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अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक।। 23 अप्रैल 2026

 संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के हृदय स्थल श्री राम मंदिर के सामने  संकरी गली वाले रिहायशी इलाके में  पटाखा दुकान में आगजनी से मोहल्ले में बनी भगदड़ की स्थिति और क्षति के लिए नागरिकों ने भ्रष्ट सिस्टम को जिम्मेदार  बताया है। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम के अधिनियम के तहत शहरी क्षेत्र के रिहायशी इलाके में पटाखा दुकान, फैक्ट्री या गोदाम नहीं बनाया जा सकता है मगर अंबिकापुर में इस अधिनियम की धज्जी उड़ाते हुए प्रशासन ने पिछले 20 साल से भी अधिक समय तक आंखे मूंदे रखी। 

नगर निगम के साथ ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी थी, मगर इस रिहायशी इलाके की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया। पटाखा गोदाम में प्लास्टिक , डिस्पोजल का भी जखीरा रखा हुआ था। यदि कारण था कि आग तेजी से फैली और बेकाबू हो गई।  इस घटना में न सिर्फ उक्त भवन बल्कि पड़ोसियों के मकानों को भी क्षति पहुंची।

एहसान तले दबे हैं जिम्मेदार

 सूत्रों के मुताबिक  पटाखा के संचालक के द्वारा दीपावली पर अधिकारियों को फोकट में पटाखा दिया जाता है, कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन अधिकारी, कर्मचारियों पर है वे भी मुकेश पटाखा के दुकान में पटाखा के लिए हाथ में झोला लेकर खड़े नजर आते हैं। दुकान से महंगे और विभिन्न प्रकार के पटाखे न सिर्फ झोले बल्कि बोरी में भी भर कर ले जाते हैं। न सिर्फ दिवाली बल्कि रिश्तेदारों की शादी, पार्टी सहित अन्य अवसरों पर भी निःशुल्क सेवाएं ली जाती हैं। नागरिकों का कहना है कि यही कारण है कि जिम्मेदार मनमानी पर आंखे बंद किए रहते हैं। आज 23 अप्रैल 2026 को जो घटना हुई उसके लिए यह भी बड़ा कारण है। नागरिकों द्वारा प्रशासन से ऐसे अधिकारी कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई के साथ ही नियमों का पालन कराए जाने की मांग की गई है। 



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