बलरामपुर।। खबरी गुल्लक।।
राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा जामवंतपुर द्वारा सरहुल महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। सरना स्थल में पूजा के बाद शोभा यात्रा सरना स्थल करमाटाड से जामवंतपुर सप्ताहिक बाजार से वापस सरना स्थल में पहुंच समाप्त हुई। इसके बाद सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। समाजिक अगुवाओं के आदिवासी परंपरा और संस्कृति की जानकारी देते हुए भावी पीढ़ी से परम्परा और संस्कृति की रक्षा करने आह्वान किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम सन्ध्या 7:30 बजे तक चला, जिसमें समाज के युवाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। जनप्रतिनिधि- अतिथियों द्वारा कार्यक्रम की सराहना कि गया। आयोजन में रमेश मिंज, लालसाय कुजूर(अध्यक्ष ), संयोजक दिलीप कुमार रोहित (भूत पूर्व सैनिक), राजदेव सिंह, शिवभरोश लकड़ा, छगुनाथ राम, रामसाय उरांव शंकरगढ़, सचिव कलावती कुजूर, मनोज तिर्की, कोषाध्यक्ष अक्षय कुजूर, अमन मिंज, उपाध्यक्ष विनोद कुजूर, उनेश कुजूर सहित समाज के अन्य सदस्य सक्रिय रहे। इस अवसर पर जनजातीय समाज के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
यह त्योहार आदिवासी समुदाय की प्राचीन सरना पूजा परंपरा का प्रतीक है, जो प्रकृति पूजा, करम वृक्ष की आराधना और सामुदायिक एकता पर आधारित है। सरना स्थल पर विधिवत पूजा के बाद शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो सरना स्थल करमाटाड से जामवंतपुर सप्ताहिक बाजार होते हुए वापस सरना स्थल तक निकाली गई।
यात्रा के बाद मंच कार्यक्रम में समाजिक अगुवाओं ने सरना परंपरा के महत्व, पर्यावरण संरक्षण और जनजातीय एकता पर भावुक व प्रेरक विचार व्यक्त किए।
बाहर से आए जनप्रतिनिधियों व अतिथियों ने आयोजन की भूरि- भूरि प्रशंसा की। जनजातीय समाज के सैकड़ों सदस्यों की भारी उपस्थिति ने इस सरना पूजा के उत्सव को यादगार बना दिया।







