अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।
सरगुजा के सीतापुर थाना क्षेत्र में आदिवासी नाबालिग लड़कियों के साथ आदिवासी समाज के ही दरिंदो के द्वारा किए सामूहिक अनाचार के मामले में आज कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और छत्तीसगढ़ की सहप्रभारी सुश्री जरिता लैतफलांग ने घटनास्थल के निरीक्षण के साथ ही पीड़ित बालिकाओं से भी मुलाकात की। उनके साथ ही प्रदेश कांग्रेस के द्वारा गठित जाँच दल ने भी उनके साथ पीड़ित बच्चियों से मुलाकात कर घटना एवं इसके उपरांत प्रशासनिक कार्यवाही में हुई गफलत की जानकारी ली है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं जांच दल की महिला सदस्यों ने करीब 1 घंटे तक एकांत में बच्चियों और उनके परिजनों से मिलकर घटना की विस्तृत जानकारी ली। बच्चियों से प्राप्त जानकारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सुश्री जरिता लैतफलांग ने कहा इन छोटी-छोटी जनजातीय बच्चियों ने घटना का जो विवरण दिया है वो भयावह और रौंगटे खड़े करने वाला है। हम सभी महिलाएं आंखों में आँसू भरकर और अपने कलेजे पर पत्थर रखकर उनकी बातों को सुन रहे थे। हम आश्चर्यचकित हैं कि इन बच्चियों पर हुए अत्याचार को किस प्रकार पुलिस और प्रशासन ने दबाने की कोशिश में थी। इस मामले में अब भी वही दरोगा विवेचना कर रहा है, जिसने साक्ष्य लेने के प्रारंभिक दौर में अपराध ही कायम नहीं किया। उस चिकित्सक के विरुद्ध भी कार्यवाही नहीं हुई है जिसने गलत रिपोर्ट जारी किया। इस दरोगा और चिकित्सक के विरुद्ध साक्ष्य मिटाने के आरोप में कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।
महिला सम्मान और सुशासन की बात करने वाली भाजपा के राज में जिस प्रकार महिला अत्याचार में वृद्धि हुई है और आरोपियों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है वह महिलाओं को लेकर भाजपा के दोहरे चरित्र का परिचय देता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी भी निष्पक्ष विवेचना की आवश्यकता है। दोषी पुलिस अधिकारी के हाथ मे अब भी विवेचना होना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के द्वारा गठित जांच दल ने इस मामले में अपनी जाँच रिपोर्ट आगामी 2 दिनों में दे देगी। कांग्रेस के प्रतिनिधि निरंतर पीड़ित परिवार के संपर्क में है। अगर प्रशासन अपना रवैया नहीं बदलता तो कांग्रेस पीड़ितों के पक्ष में आगे की कार्यवाही प्रारंभ करेगी।



