अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।।
सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर अंबिकापुर में सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उच्च शिक्षा में शोध पत्र लेखन की प्रक्रिया एवं कौशल विषय पर केंद्रित यह कार्यशाला 6 मई 2026 से 13 मई 2026 तक संचालित होगी। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की प्राचार्य श्रद्धा मिश्रा के मार्गदर्शन एवं विभागाध्यक्ष रानी रजक के नेतृत्व में किया जा रहा है। कार्यशाला के प्रथम दिन का शुभारंभ माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत जीवंत पौधा एवं फल भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा अंबिकापुर के कार्यक्रम समन्वयक एसएन पाण्डेय एवं शिमला हिमाचल प्रदेश से रिसर्चर स्नेहल राणा ऑनलाइन माध्यम उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोध कार्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शोध केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार तथा समाज के विकास का आधार है। उन्होंने शोध पत्र लेखन को एक व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि प्रभावी शोध पत्र के लिए विषय चयन, समस्या का निर्धारण, उद्देश्य निर्माण, परिकल्पना, तथ्य संकलन, संदर्भ लेखन तथा निष्कर्ष प्रस्तुति जैसी प्रक्रियाओं का ज्ञान होना आवश्यक है। इसके साथ ही भाषा की शुद्धता, तार्किकता, लेखन शैली एवं प्रस्तुतीकरण कौशल को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
अतिथियों ने शोध के चरणों को विस्तार से समझाया, जिसमें समस्या का चयन, उद्देश्य निर्धारण, साहित्य समीक्षा, परिकल्पना निर्माण, अनुसंधान रूपरेखा, डेटा संग्रह, डेटा विश्लेषण और अंत में रिपोर्ट लेखन शामिल है। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की प्राचार्य श्रद्धा मिश्रा ने कार्यक्रम की संक्षिप्त जानकारी दी तथा अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रथम दिवस के आयोजन का समापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक उर्मिला यादव, प्रियलता जायसवाल, सुप्रिया सिंह, मिथलेश कुमार गुर्जर, सविता यादव, सीमा बंजारे, पूजा रानी, ज्योत्स्ना राजभर, अर्चना सोनवानी, गोल्डन सिंह, अजीत सिंह परिहार, नितेश कुमार यादव एवं बी. एड प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।



