ADD

जंगल से भटककर बस्ती में घुसे वन्य प्राणी कोटरी को कुत्तों ने घेर उतारा मौत के घाट... वन भूमि पट्टा की चाह में जंगल के विनाश से उजड़ रहा जानवरों का आशियाना ...

0



 मैनपाट।(महेश यादव)। वन भूमि पट्टा के लिए अवैध कटाई के कारण सिमटते जंगल  से वन्य प्राणियों का भटककर बस्तियों में प्रवेश और मारे जाने का सिलसिला जारी है। इस बार मैनपाट के ग्राम बिसरपानी के चिखलापानी में घुसे एक कोटरी को कुत्तों ने घेरकर मार डाला। हालांकि ग्रामीणों के द्वारा उसे बचाने की कोशिश की गई मगर कामयाबी नहीं मिली। बताया जा रहा है कि मंगलवार को आज प्रातः वन्य प्राणी कोटरी चिखलापानी बस्ती में घुस गया, जिससे कुत्तों ने घेरकर उस पर हमला कर दिया। कुत्तों के भोंके जाने की आवाज सुनकर ग्रामीण वहां पहुंचे और कुत्तों को भगा घायल कोटरी को पशु चिकित्सालय लेकर जा रहे थे मगर रास्ते में कोटरी की मौत हो गई। वन विभाग के द्वारा कोटरी के शव को जब्त करने के बाद पंचनामा पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुछ दिनों पूर्व भी मैनपाट के तिब्बती कैंप में एक कोटरी घुस गया था, जिसे बौद्ध भिक्षुओं ने कुत्तों के हमले से बचाया था। मैनपाट में इस तरह की आए दिन घटनाएं हो रही हैं। 

वन भूमि पट्टा पर रोक जरूरी

ग्रामीणों का कहना है कि वन भूमि पट्टा का प्रवधान किए जाने के कारण अतिक्रमणकारियों के द्वारा जंगल को व्यापक नुकसान पहुंचाया गया।  अभी तक वन भूमि में काबिज लगभग शत प्रतिशत लोगों को इस योजना के तहत पट्टा मिल चुका है।  मौजूदा समय में कतिपय प्रभावशाली लोगों के द्वारा पट्टा के लिए छोटे झाड़ के जंगलों में कब्जा किया जा रहा है,यही कारण है कि वन्य प्राणी बस्तियों में घुस रहे हैं। वन विभाग के मैदानी अमले की निगरानी और रोक - टोक के बावजूद कतिपय अतिक्रमणकारियों के द्वारा राजनैतिक पहुंच का हवाला दे जंगल को क्षति पहुंचाने के साथ जानवरों का रहवास क्षेत्र को उजाड़ा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वन भूमि पट्टा पर रोक लगाई जानी चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)