रायपुर। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा 2023- 2024 में धांधली किए जाने का आरोप लगा उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए उक्त परीक्षा निरस्त कर पुनः पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित किए जाने की मांग की है। राजस्व पटवारी संघ ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में कार्यालय आयुक्त भू अभिलेख छत्तीसगढ़ संचालक भू अभिलेख के द्वारा, राज्य में पदस्थ पटवारी की राजस्व निरीक्षक प्रारंभिक परीक्षा हेतु परीक्षा का आयोजन 7 जनवरी 2024 किया गया था। इस परीक्षा का परिणाम 29 फरवरी 2024 को घोषित किया गया। जिसमें बहुत सी अनियमिता देखने को मिली है। आरोप लगाया गया है भाई, भतीजावाद का जमकर खेल चला, चहेते, संबंधियों का चयन कर लिया गया। आरोप है कि कांकेर जिले से दो सगे भाइयों का चयन हुआ, इसी प्रकार बिलासपुर में भाई- बहन व जीजा का एक साथ चयन हुआ, जिला महेंद्रगढ़ से पति- पत्नी का चयन होना और अकेले सरगुजा संभाग से ही लगभग 45 प्रतिशत का चयन होना सवाल खड़े करता है। आरोप लगाया गया है कि परीक्षा के एक दिन पहले रायपुर के एक होटल में चहेते पटवारियो को बुलाकर प्रश्न पत्र बांटे गए थे। संघ ने कहा है कि इस प्रकार की घटनाओं को देखते हुए प्रदेश के समस्त पटवारी में घोर निराशा है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ में पेपर लीक की घटनाएं होती रही तो मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य अंधेरे में रहेगा। जिस तरह छत्तीसगढ़ में सीजीपीएससी में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करा रहे हैं, उसी प्रकार राजस्व विभाग के द्वारा लिए गए विभागीय परीक्षा में उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के ऊपर कठोर कार्रवाई करते हुए परीक्षा निरस्त कर पुनःपारदर्शिता के साथ परीक्षा का आयोजन किया जाना चाहिए ।
पत्राचार के बाद भी कार्यवाई नही
राजस्व पटवारी संघ ने ज्ञापन में लिखा है कि संघ की प्रांतीय बैठक 28 जनवरी 2024 को रायपुर में आहूत की गई थी, बैठक में उच्चस्तरीय जांच कराये जाने संबंध में संज्ञान लेते हुये राज्य शासन को पत्राचार भी किया गया परंतु शासन द्वारा इस पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। आरोप लगाया गया कि राजस्व निरीक्षक परीक्षा का परिणाम 29 फरवरी 2024 को घोषित किया गया। राजस्व निरीक्षण प्रशिक्षण वर्ष 2024 हेतु चयन सूची में 216 को चयनित किया गया है। सूची में जिलेवार संख्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की गई जो संदेहास्पद है। कई जिलों से भारी संख्या में तथा कुछ जिलों से केवल नाममात्र का चयन कहीं न कहीं निष्पक्ष परीक्षा आयोजन में सवाल खड़े कर रहा है। परीक्षा के पूर्व ही कोण्डागांव के पटवारियों द्वारा आपत्तियां प्रस्तुत की गई थी जो अवलोकनार्थ पत्र के साथ संलग्न है।
कई पटवारी परीक्षा से हुए वंचित
राजस्व पटवारी संघ ने आरोप लगाया है कि आचार संहिता के दौरान सभी पटवारी चुनाव कार्य में संलग्न थे और आयुक्त कार्यालय विभागीय परीक्षा के विभिन्न चरणों की तैयारी कर रहा था, इसी दौरान ही पात्र अपात्र सूची दावा आपत्ति मंगवाया गया, 2019 बैच के अनेक पटवारियों को परीक्षा से वंचित कर दिया। वर्तमान मंत्री मंडल का गठन ही नहीं हुआ था और विभागीय परीक्षा को शासन के संज्ञान में लाए बिना संचालक द्वारा परीक्षा आयोजित करवाया जाना भी कहीं न कही निष्पक्ष परीक्षा को संदेहास्पद बना रहा है।



