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जब 6 घर शासकीय भूमि पर कब्जा कर बने तो दो घर पर मेहरबानी क्यों ... रिशु हत्याकांड के आरोपियों के छह में से सिर्फ चार घर तोड़े जाने पर नागरिकों ने उठाए सवाल... अभी भी नही थमा बवाल ... परिजनों ने कहा - तब तक नहीं करेंगे अस्थि विसर्जन, जब तक...!

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 सूरजपुर।(भूपेंद्र राजवाड़े)।  छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला के प्रतापपुर में फिरौती के लिए दस वर्षीय मासूम रिशु कश्यप का अपहरण कर  हत्या करने के आरोपी पड़ोसियों के 6 में से सिर्फ 4 घर तोड़े जाने से मृतक के परिजनों के साथ नागरिकों में अब भी असंतोष है। नागरिकों का कहना है कि आरोपियों के द्वारा प्रतापपुर के शासकीय भूमि में अवैध कब्जा कर कुल 6 घर बनाया गया था। जब सभी घर शासकीय भूमि पर हैं तो किस आधार से दो घर छोड़ा गया। इसके पीछे अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर  स्टे ऑर्डर का हवाला दिया गया, मगर नागरिकों ने असंतोष जताया है। परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों के सभी घर नही तोड़े जाते हैं,तबताक वे पुत्र का अस्थि विसर्जन नहीं करेंगे। इधर कार्यवाई के दौरान मौके पर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। नागरिकों की भीड़ भी बेरिकेट्स के दूसरी ओर खड़ी रही। दो घर छोड़े जाने के कारण जेसीबी के बजाए 40 से अधिक मजदूरों के माध्यम से चार घरों को तोड़ा गया, ताकि शेष दो घर प्रभावित न हो। हालांकि मलबा समेटने और हटाने के लिए जेसीबी का उपयोग किया गया। विदित हो कि पुलिस ने रिशु हत्याकांड मामले में आरोपी पड़ोसी शुभम सोनी उर्फ गोलू पिता कमलेश सोनी 26 वर्ष और विशाल ताम्रकार पिता राजेंद्र ताम्रकार 28 वर्ष को धारा 363, 364क,302, 120बी के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा  था। मृतक के पिता अशोक कुमार कश्यप ने कहा था कि जबतक आरोपियों का घर नही टूटेगा तब तक वे पुत्र के शव का अस्थि विसर्जन नही करेंगे। शासन के दिशा निर्देश के तहत आरोपियों के घर को तोड़ने प्रशासन ने एक दिन पहले ही तैयारी कर ली थी और आज 6 मार्च बुधवार को चार घर ढहाया गया। 

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