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बड़ी खबर: 9 गेट फंसने से बौराया चिकनी बांध... अनवरत बारिश से लिया रौद्र रूप.. तीन फिट ऊपर पानी बहने से एक दर्जन गांवों में मचा हाहाकार .. सूरजपुर प्रशासन हुआ अलर्ट.. ग्रामीणों को बस से भेज रहे सुरक्षित जगह.. स्कूलो को बनाया गया अस्थाई कैंप..

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 सूरजपुर।(भूपेंद्र राजवाड़े)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के ग्राम चिकनी में विनिका कंपनी के हाइड्रो पवार प्लांट के पास  महान नदी में निर्मित बांध कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश में बौरा गया है। बारिश पूर्व मरम्मत और संधारण नहीं किए जाने से खतरे के निशान यह पानी पहुंचने से गेट नहीं खुल सका और बांध के लबालब भरने के साथ ही पानी करीब तीन फिट ऊपर से बह रही है। इस विशाल बांध के ओवर फ्लो होने से निचले इलाके के एक दर्जन से अधिक गांव में हाहाकार मचा हुआ है। बांध फूटने की आशंका से प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। ग्रामीणों को बस से सुरक्षित सरकारी स्कूलों, अन्य भवनों में शरण दिया जा रहा है। बांध के उफान ने हाइड्रो पावर प्लांट को अपनी चपेट में ले लिया है।

10 में केवल 1 गेट खुला 

बांध में दस  हाइड्रोलिक गेट हैं। मूसलाधार बारिश के कारण जब बांध में जल भराव खतरे के निशान के ऊपर पहुंचा तो कर्मचारियों ने गेट खोलने  की कोशिश की, मगर जाम हो जाने के कारण 9 गेट नहीं खुल पाए। केवल 1 गेट खुलने से आवश्यकता के अनुरूप पानी नही छोड़ा जा सका। सोशल मीडिया में बौराए बांध के रौद्र रूप को देख प्रशासन तक इसकी जानकारी पहुंची। 

 ग्राम  बलहीपानी बन गया टापू

इस बांध के दूसरी तरफ ग्राम बलहीपानी बसा हुआ है। यह गांव  चारों ओर से पहाड़ियों से घिरा हुआ है।  यहां के ग्रामीणों को मुख्यालय तक पहुंचने के लिए बांध के ऊपर बने मार्ग का  उपयोग करना पड़ता है। इसके अलावा ग्रामीणों को मुख्यालय से जोड़ने के लिए अन्य कोई मार्ग नहीं है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बांध के ऊपर से गुजर रहे पानी के तेज बहाव ने बलहीपानी के ग्रामीणों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है । जिला प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम ने बांध के डुबान क्षेत्र के आसपास मौजूद गांवों को खाली करा वहां के ग्रामीणों को तो ऊंचे स्थानों पर भेजने का काम शुरू कर दिया है। मगर बलहीपानी के ग्रामीणों को अब तक डुबान क्षेत्र से बाहर नहीं निकाला जा सका है। क्योंकि बलहीपानी गांव तक पहुंचने के लिए एक मात्र रास्ता बांध के ऊपर से होकर गुजरता है और ओवरफ्लो होने के कारण बांध के ऊपर से लगातार तेज गति के साथ पानी का बहना जारी है। ऐसे में वहां के ग्रामीणों को डुबान क्षेत्र से निकालने में टीम को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संभावित खतरे को देखते हुए मुनादी के माध्यम से भी ग्रामीणों या अन्य किसी को भी बांध की ओर न जाने की समझाइश दी जा रही है।

पावर प्लांट से प्रतापपुर तक जाती है बिजली

बताया जा रहा है कि ओड़गी विकासखंड के चिकनी स्थित पावर प्लांट से प्रतापपुर के खजूरी गांव में स्थित 33 केवी की क्षमता वाले सबस्टेशन को बिजली की सप्लाई दी जाती है। इसके अलावा जब पावर प्लांट में बिजली का उत्पादन ज्यादा होने लगता है तो बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर तक भी बिजली की सप्लाई दी जाती है। हालांकि अभी तक पावर प्लांट से प्रतापपुर को दी जा रही बिजली की सप्लाई बाधित नहीं हुई है। अभी भी पावर प्लांट का सही तरीके से काम करना बताया जा रहा है।

सुरक्षा सर्वोपरि, कर रहे हर उपाय- कलेक्टर रोहित व्यास 



इस संबंध में सूरजपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि बहाव क्षेत्र के ग्रामीणों को बस से सुरक्षित स्थानों के शासकीय भावनों में अस्थाई कैंप बना शरण दिया जा रहा है। भोजन, पानी की भी व्यवस्था की जा रही है। खतरे के मद्देनजर बचाव के लिए हर उपाय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति क्यों बनी इसकी जांच के लिए सिंचाई विभाग के तकनीकी अमले को निर्देश दिए गए हैं। 

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