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विरोधियों का आरोप.. एक - एक हजार में समर्थन के लिए लाई गई भीड़....! समर्थकों ने की धक्का मुक्की तो पर्यावरण अधिकारी को बोलना पड़ा बनाए रखें शांति..। हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति ने लिखित में यह कहा..। देखें किस तरह हुई पर्यावरणीय जनसुनवाई..

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खबरी गुल्लक।। विकासखंड उदयपुर के ग्राम परसा में  आयोजित  एक्सटेंशन खुली खदान की पर्यावरणीय जनसुनवाई में समर्थन के साथ विरोध का सिलसिला जारी रहा। समर्थकों की लंबी कतार के चलते इक्का दुक्का विरोधियों को ही अपनी बात रखने का मौका मिला। जिससे करीब 1600 लोगों ने एकसाथ हस्ताक्षर युक्त विरोध जताया। हालांकि समर्थकों की संख्या अधिक रही। सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर की पहल पर पहली बार लोगों ने जनसुनवाई सोशल मीडिया में लाइव देखा। सुनवाई के दौरान  महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, भोजन पानी और शौचालय की व्यवस्था की गई थी।   खदान का विरोध करने वाले लोगों में शामिल रामलाल करियाम ने आरोप लगाया कि खदान समर्थकों द्वारा उदयपुर ब्लॉक से बाहर के लोगों को गाड़ियों में ढोकर समर्थन में हस्ताक्षर कराने बुलवाया है।  सुबह पांच से आठ बजे तक तेज बारिश में भी बड़ी संख्या में लोगो को ढोया गया ।  प्रभावित ग्राम के कई लोगों को प्रारंभ के कुछ घंटे तक  बोलने का अवसर ही नहीं मिला।  रायपुर से छत्तीसगढ बचाओ आंदोलन एनजीओ के संयोजक आलोक शुक्ला, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अमित बघेल सहित सैकड़ों विरोध करने वाले लोग लाइन में खड़े होकर मूक दर्शक बने अपनी बारी का इंतजार करने लगे,  परंतु खदान समर्थकों की लंबी लाइन के कारण  इक्का दुक्का विरोधियों को भी बोलने का अवसर  मिल पाया। कोल खदान के समर्थकों में से  किसी ने अदानी को समर्थन करने की बात कही तो किसी ने केते एक्सटेंशन का समर्थन किया। निजी विद्यालय में बेहतर पढ़ाई का जिक्र, खदान से रोजगार उपलब्ध होने एंबुलेंस की व्यवस्था तथा सीएसआर मद से बिजली इत्यादि तथा एक पेड़ के बदले पांच पेड़ लगाने की बात कहते हुए अपना समर्थन दिया। खदान समर्थकों ने इस बीच एनजीओ और रायपुर से आए लोगों को बाहरी कहते हुए कहा pekb खदान के वक्त ये लोग कहां थे जैसी बात भी कही तथा इनका विरोध भी किया । पर्यावरण अधिकारी ने समर्थन अथवा विरोध में केवल हां या ना में जवाब देने कहा था। इसके अलावा समर्थन अथवा विरोध का कारण भी पूछा गया। जनसुनवाई में बोलने का अवसर नहीं मिलने पर  हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक उमेश्वर सहित अन्य लोगों ने लिखित में विरोध जताया।   डांडगांव के युवक अजितेश सोनी ने लाइन में लगकर बिंदुवार जब अपनी बात रखनी शुरू की तो मौजूद लोग उनकी ओर ताकना  शुरू कर दिए। उन्होंने  पांच सौ और हजार रुपए देकर समर्थन देने ग्रामीणों को बुलाने  का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि   ब्लास्टिंग से रामगढ़ पहाड़ में दरार पड़ रहा है। अपनी बात रखकर निकलते वक्त खदान समर्थक लोग धक्का मुक्की करने लगे तब माइक से पर्यावरण अधिकारी सभी को शांत रहने और शांति पूर्ण तरीके से अपनी बात अधिकारियों के समक्ष रखने की अपील की गई।

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