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सहकारी बैंक के करोड़ों के घोटालेबाजों को रिमांड पर ले पुलिस हलक से निकाल रही और राज.. हो रही कड़ी पूछताछ

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बलरामपुर।। खबरी गुल्लक।। 30 मई 2025।। 

छत्तीसगढ़ के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित अम्बिकापुर की शंकरगढ़ एवं कुसमी शाखा में हुए 28 करोड़ के घोटाले के मामले में बलरामपुर पुलिस ने जांच उपरांत इसमें संलिप्त 11 ( ग्यारह) आरोपियों अशोक कुमार सोनी पिता ए.एस. सोनी (सहायक मुख्य पयर्वेक्षक), लक्ष्मण प्रसाद देवांगन पिता स्व भगवती प्रसाद (संस्था प्रबंधक), विजय उइके पिता मदीप राम उम्र 50 साल (संस्था प्रबंधक शंकरगढ), तबारक अली पिता स्वा मुबारक अली लखनपुर (प्रभारी लिपिक), राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय पिता विपिन पाण्डये (प्रभारी अतिरिक्त प्रबंधक अम्बिकापुर), सुदेश यादव पिता मुनेश्वर यादव (समिति सेवक शकरगढ), एतबल सिंह पिता स्व रामसेवक सिंह (सहायक मुख्य पयर्वेक्षक), प्रकाश कुमार सिंह पिता विगु सिंह (कम्प्यूटर आपरेटर कुसमी), जगदीश प्रसाद भगत पिता स्व अवधेश प्रसाद भगत (सहायक लेखा पाल), सबल राय पिता स्व कमला राम (सहायक मुख्य प्रवेक्षक शाखा प्रबंधक कुसमी), विकास चन्द्र पाण्डवी पिता स्व कालीपद पाण्डवी (वरिष्ट पयर्वेक्षक) को गिरफ्तार करने के बाद  चार दिन की न्यायिक रिमांड पर लिया है और पूछताछ की जा रही है। इस मामले में कुसमी पुलिस के द्वारा आरोपियों के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 वी 34 के तहत कार्रवाई की गई है।

नाबार्ड ने भेजा मेल तो खुला पोल

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाखा बलरामपुर के प्रभारी शाखा प्रबंधक  नोडल अधिकारी अरविन्द श्रीवास्तव ने कुसमी थाने में रिर्पोट दर्ज कराई थी कि सहकारी बैंक की कुसमी और शंकरगढ़ शाखा में भारी वित्तीय अनियमितता हुई है। उनको यह जानकारी नाबार्ड द्वारा भेजे गए एक ई-मेल से प्राप्त हुई थी। बैंक के सी.ए. द्वारा फ्लैश आडिट रिर्पोट मांगी गई तब जाकर पता चला कि अलग-अलग बैंक खातों से कुल 23 करोड़ 74 लाख रूपए से अधिक की गड़बड़ी की गई है। इसे देखते हुए फरवरी 2025 में एक जांच दल का गठन किया गया। इस दल ने अप्रैल 2025 में अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया था कि शंकरगढ़ और कुसमी के तीन बैंक एकाउंट में बड़ी वित्तीय अनियमितता पाई गई है।

जांच में इस तरह सामने आई गड़बड़ी

इस मामले का खुलासा करते हुए बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को जानकारी दी थी कि कुसमी के एक समिति में एकाउंट का के. वाई.सी. दस्तावेज, एकाउंट खोलने का फार्म एवं हस्ताक्षर ही नहीं है। बिना किसी बाउचर एवं अन्य दस्तावेज या अधिकार पत्र के 19 करोड़ 24 लाख रूपए क्रेडिट एवं 19 करोड़ 22 लाख से अधिक राशि का डेबिट ट्रांजेक्शन किया गया है। ये ट्रांजेक्शन विभिन्न ग्राम पंचायतों के खाते, समितियों के के.सी.सी. एकाउंट. एम.टी.लोन, निजी बचत खाते, गोडाउन लोन, नगद आहरण के रूप में हुआ है। जो बाउचर पाए गए हैं उनमें हस्ताक्षर समिति के अधिकृत अधिकारी के न होकर किसी और के हैं। समिति के सहायक प्रबंधक द्वारा भी इसे फर्जी बताते हुए किसी प्रकार की जानकारी से इंकार कर दिया गया। जमुना अलंकार नामक एकाउंट में एक करोड़ बयासी लाख के ट्रांजेक्शन में बाउचर व अन्य दस्तावेज नहीं मिले। कुसमी के नरेगा धरेशपुर के एकाउंट में भी के वाई.सी. हस्ताक्षर और एकाउंट ओपनिंग फार्म नहीं है जबकि तीन करोड़ उन्नीस लाख से ज्यादा का लेन देन दिखाया गया है। यही स्थिति जनपद पंचायत शंकरगढ़ में पाई गई। शंकरगढ़ के जनपद सी ई ओ ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से कहा है कि यह खाता शंकरगढ़ जनपद का नहीं है एवं पूर्ण रूप से फर्जी है। इसी प्रकार और भी जांच में कुल 23 करोड़ 74 लाख से अधिक रूपए की गड़बड़ी पाई गई।  





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