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विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 : चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी ने किया कार्यशाला ..

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 अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 2 अगस्त 2025।।

 चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी अम्बिकापुर द्वारा संचालित लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना भाटापारा जिला बलौदाबाजार छत्तीसगढ़ के द्वारा परियोजना संचालक मंगल पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं परियोजना प्रबंधक दशोदी सिंह के नेतृत्व में यूनिसेफ समर्थित छत्तीसगढ़ एलायंस फार बिहैवियर चेन्ज के संयुक्त तत्वावधान् में परियोजना कार्यालय भाटापारा में कार्यशाला आयोजित किया गया। लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना के परामर्शदाता सुलोचना देवांगन ने कहा कि मां का पहला दूध यानी केलोस्ट्रम पोषक तत्वों से भरपूर एवं शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक होता है। नवजात को घातक बिमारियों से बचाने के लिए जन्म से एक घण्टे के भीतर यह दूध पिलाना आवश्यक है। स्तनपान के दौरान मां एवं शिशु दोनों आक्सीटोसिन नामक हार्मोन का उत्पादन करते हैं।

जो तनाव एवं चिंता को कम करता है।शिशु की आंत में स्वस्थ बैक्टीरिया का विकास करने में स्तनपान सहायता करता है।जो जीवन भर के लिए बच्चे का इम्यूनो सिस्टम मजबूत बनाता है। मां के दूध में एंटीबायडीज होता है, जो शिशु को उसके आस -पास फैलने वाले संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।शिशु पहले कुछ दिनों तक अधिक स्तनपान करते हैं।शिशु जितना अधिक दूध पीता है। मां का शरीर उतना ही तेजी से दूध का उत्पादन करता है। बच्चों को नियमित स्तनपान नहीं कराने पर बच्चों का सर्वांगीण विकास नहीं होता है। कार्यशाला में भाषण पद्धति, समूह चर्चा,केश स्टडी, वीडियो फिल्म प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं की क्षमतावर्धन किया गया।बच्चे देश के भविष्य होते हैं। चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी के परियोजना निदेशक मंगल पाण्डेय ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि विश्व स्तनपान सप्ताह 2025 के अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जायें। कार्यक्रम को सफल बनाने में अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी सह लेखापाल दशोदा साहू, आउटरीच वर्कर प्रियंका मेश्राम, ट्रांजिट माइग्रेंट आउट रीच वर्कर अनिता लहरे,रिंकी देवदास साथी शिक्षक ललिता सोनवानी,रेखा कोसले, लता सोनवानी,प्रभा, अंजलि लहरे, संगीता ,धनाबाई देवांगन सतीश गेंदले एवं अन्य सभी उपस्थित जनों का सराहनीय योगदान रहा।

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