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ऊँचडीह में 48 घंटे से ब्लैकआउट... राइस मिलों के भारी लोड से ट्रांसफार्मर ठप, आज भैयाथान बिजली दफ्तर का ग्रामीण करेंगे घेराव

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खबरी गुल्लक।सूरजपुर। 08अगस्त 2025। भैयाथान विद्युत वितरण केंद्र की लापरवाही और उदासीनता का खामियाजा ग्राम पंचायत ऊँचडीह के सैकड़ों ग्रामीण पिछले 48 घंटे से अंधेरे में बैठकर चुका रहे हैं। गांव का एकमात्र सार्वजनिक वितरण वाला ट्रांसफार्मर खराब हो चुका है, जिसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक नया ट्रांसफार्मर लगाना तो दूर, पुराने की मरम्मत तक पूरी नहीं हो पाई है।

बरसात के मौसम में जहां जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बढ़ गया है, वहीं बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बिजली के बिना परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति केवल तकनीकी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि विद्युत विभाग और कुछ प्रभावशाली राइस मिल संचालकों की मिलीभगत का नतीजा है।

राइस मिलों पर भारी लोड, ट्रिपिंग से तंग ग्रामीण
ग्राम पंचायत ऊँचडीह में तीन बड़े राइस मिल संचालित हो रहे हैं, जिन्हें सार्वजनिक वितरण के ट्रांसफार्मर से ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। ये राइस मिलर्स 50 एचपी से अधिक का भारी लोड खींचते हैं, जिसके कारण बार-बार ट्रिपिंग और फ्यूज उड़ने की समस्या बनी रहती है। सरपंच से लेकर आम ग्रामीण तक कई बार विभाग से कमर्शियल कनेक्शन को अलग करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी टालमटोल करते रहे।

“अगर उद्योग चलाना है तो लगाएं निजी ट्रांसफार्मर” – ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि अगर राइस मिल संचालक अपना उद्योग चलाना चाहते हैं, तो उन्हें निजी ट्रांसफार्मर लगाना चाहिए, न कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मर पर डाका डालना चाहिए।

 विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
ग्राम पंचायत के सरपंच दिलीप सिंह ने कहा कि “ट्रांसफार्मर खराब होने की मौखिक सूचना अधिकारियों को दे दी गई थी। उन्होंने नया ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक केवल खराब ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ कर रहे हैं। न मरम्मत पूरी हो पाई, न बिजली बहाल हुई। ग्राम पंचायत जल्द ही कमर्शियल कनेक्शन अलग करने का प्रस्ताव पारित कर विभाग को सौंपेगी।”

ग्रामीणों का गुस्सा उफान पर – आज होगा घेराव
ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर जबरदस्त रोष है। लोगों का कहना है कि अब धैर्य की सीमा खत्म हो चुकी है। आज दोपहर ग्रामीण विद्युत विभाग का घेराव करेंगे और जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह मामला न केवल बिजली की आपूर्ति से जुड़ा है, बल्कि ग्रामीणों के अधिकार, सुरक्षा और सरकारी तंत्र की जवाबदेही से भी सीधा संबंध रखता है। अगर समय रहते विभाग ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो यह विरोध जिला स्तर तक फैल सकता है।

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