रायपुर।। खबरी गुल्लक।।
रायपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने एशियाई देशों के ठगों से मिलकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर ठगने वाले कंबोडिया गिरोह के पांच सदस्यों को दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह सभी आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद अलग- अलग राज्यों में छिपे हुए थे। पांचों आरोपी कमीशन के एवज में टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से कंबोडिया, लाओस, चीन समेत अन्य देशों में बैठे साइबर अपराधियों के लिए काम करते थे। आरोपी छत्तीसगढ़ में कई लोगों को वॉट्सअप और अन्य एप के जरिए 24 घंटे से अधिक समय तक एक कमरे में डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों रुपए की ठगी की थी। छत्तीसगढ़ पुलिस लंबे समय से इन आरोपियों को पकड़ने जाल बिछा रही थी। इन आरोपियों के विरुद्ध दूसरे राज्यों में भी अपराध दर्ज हैं।
इन इलाकों से दबोचे गए आरोपी
रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा ने मीडिया को बताया कि साइबर थाना रायपुर ने इन दो प्रकरण में संलिप्त सभी आरोपियों की पहचान की। आरोपी अलग-अलग राज्यों में छिपे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उत्तरप्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र भेजी गई। प्रार्थियों को कॉल करने में शामिल आरोपी मनीष पाराशर को गोकुलपुरी नॉर्थ ईस्ट दिल्ली एवं अर्जुन सिंह को जिला हाथरस उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को इधर- उधर करने में शामिल आरोपी आकाश तुशरानी, राहुल मरकड़ को उल्हासनगर मुंबई, अहमदनगर महाराष्ट्र तथा लखन जाटव को उज्जैन मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल दाखिल किया गया है।
खुद को बताया सीबीआई, आरबीआई का अधिकारी
प्रार्थी रामेश्वर प्रसाद देवांगन ने थाना पुरानी बस्ती में FIR दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने खुद को सीबीआई एवं आरबीआई का अधिकारी बताकर प्रार्थी के नाम से संचालित मोबाइल नंबर के विरुद्ध मनी लॉन्डिंग का अपराधिक मामला दर्ज होने की झूठी बात बताकर डराया। 24 घंटे वॉट्सएप वीडियो कॉल में जुड़े रहने के लिए बोलकर डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। पुरानी बस्ती थाने में बीएनएस की धारा 318 (4), 3(5), 66 (डी) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीकृत है।
24 घंटे डिजिटल अरेस्ट कर 88 लाख ठगा
प्रार्थी संतोष दाबडघाव ने थाना पुरानी बस्ती में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात मोबाइल नंबरधारकों ने खुद को दूरसंचार विभाग बंगलुरु एवं मुंबई पुलिस का होना बताकर प्रार्थी के नाम से संचालित मोबाइल नंबर के विरुद्ध मनी लॉड्रिरंग का अपराधिक मामला दर्ज होने की झूठी बात बताकर डराया। 24 घंटे वॉट्सएप वीडियो कॉल में जुड़े रहने के लिए बोलकर डिजिटल अरेस्ट कर 88 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। पुरानी बस्ती थाने में बीएनएस की धारा 318(4), 3(5), 66 (ऊ) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीकृत है।
इस तरह दे रहे थे वारदात को अंजाम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कंबोडिया गैंग के बड़ी संख्या में सदस्य हैं, जो भारत के करीब सभी राज्यों में काम कर रहे हैं। इन्हें कमीशन के नाम करीब 10 से 15 प्रतिशत रकम मिलती है। आरोपियों का संपर्क टेलीग्राम के माध्यम से दक्षिण एशियाई देश लाओस, मलेशिया, कंबोडिया, वियतनाम, चीन व थाइलैंड में बैठे साइबर ठगों से था। विदेशों में बैठे ठग भारतीय एजेंट्स के माध्यम से लोगों को लालच, धमकी, निवेश, नौकरी, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, बड़े कारोबारी व नेताओं की फर्जी वॉट्सएप डीपी लगा सहित अन्य तरीकों से ठगते हैं। क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से इसका कमीशन एजेंट्स को दिया जाता है।

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