रायपुर। खबरी गुल्लक।।(3 अगस्त 2025)।
प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ महाराष्ट्र राज्य का फर्जी लेटर पैड बना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय समेत 7 दर्जन से भी अधिक केन्द्रीय कार्यालयों, मंत्रियों-अधिकारियों से भ्रष्टाचार की शिकायत करने किए जाने का समसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की धारा 318, 319, 336 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। रायपुर के भाजपा नेता राहुल हरितवाल इस फर्जी लेटरपैड मायने पर इसकी की जांच करते हुए पुणे तक गए थे , इसके बाद उन्होंने 1 2025 अगस्त को एडिशनल एसपी और राखी थाने में शिकायत की। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ लोगों को थाने में बिठाया है। लेकिन जिस तरह आदेश क्रमांक, दिनांक, फर्म और बिल और राशि के तहत बोगस खरीदी की शिकायत की गई है, इससे आशंका है कि इसमें विभाग से करीब से जुड़े लोगों का ही हाथ होगा। एफआईआर के मुताबिक अप्रैल 2025 में पीएमओ के अलावा राष्ट्रपति समेत 84 अन्य संस्थानों और प्रमुख लोगों को आरएसएस प्रांत कार्यालय के फर्जी लेटरपेड में शिकायत की गई थी। जिसमें सुनील घनवट का नाम लिखा गया है। स्थानीय भाजपा नेता राहुल हरितवाल ने इन शिकायतों की सच्चाई जानने के लिए सुनील घनवट से संपर्क किया तो उन्होंने ऐसी कोई भी शिकायत देने से इनकार किया। राखी पुलिस के मुताबिक फर्जी लेटरपैड पर उक्त शिकायत कोरबा के हसदेव उप डाकघर से रजिस्टर्ड डाक के जरिये भेजी गई। भेजने वालों के नाम मोहन मिरी और कमल वर्मा बताए गए हैं।
फर्जी लेटर पैड में यह हुई थी शिकायत
एक प्रतिष्ठित अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक फर्जी लेटरपेड के जरिये शिकायत की गई थी कि मंत्री एवं उनके कुछ खास लोगों द्वारा (कुछ नाम भी लिखे गए हैं) कृषि एवं आदिम जाति कल्याण विभाग में सामग्री आपूर्ति कार्य सिर्फ और सिर्फ कागज पर करके राशि की बंदरबांट की जा रही है। नियमानुसार न तो जेम सामग्री की आपूर्ति की जा रही है। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में आदिम जाति कल्याण विभाग में राज्य कार्यालय से राशि जारी की गई है। किन्तु किसी भी जिले में सामग्री आपूर्ति हेतु जेम पोर्टल पर निविदा जारी किए बगैर ही 10-10 लाख की राशि का क्रय आदेश अनब्रांडेड नाम से अपने फर्म को दिये जाते हैं। जो सीधे इनको 70 से 80 प्रतिशत कमीशन राशि वापस दे सकें। सीधे बोगस बिलों के जरिये आहरण किया जा रहा है। शिकायत के साथ करोड़ों रुपए के 2024-25 के डेढ़ सौ से ज्यादा क्रय आदेश, कान्ट्रैक्ट नंबर के साथ दिनांक और विक्रेता फर्म के नाम-पते और जिले दिए गए थे। इनमें से सभी क्रय आदेश 10 लाख रुपए के भीतर के हैं। इतना ही नहीं, कई आदेश दस लाख रुपए से केवल एक रुपए कम मतलब 9 लाख, 99 हजार 999 रुपए के हैं। मांग की गई है कि सभी क्रय आदेश, खरीदे गए सामानों और एजेंसियों की जांच करके बोगस सप्लायरों, फर्जी बिलिंग कर्ता फर्म और इसमें शामिल दलालों और संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
जांच अभी आरंभिक स्तर पर है
एसएसपी रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने मीडिया को बताया कि जिनके नाम से शिकायत हुई है, उन्होंने लेटरपेड को फर्जी बताते हुए अपने नाम का दुरूपयोग किए जाने की बात कही है। सुनील घनवट द्वारा इस संबंध में लिखा गया पत्र राखी थाने में की गई शिकायत के साथ दिया गया है। जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है।

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