बतौली।। खबरी गुल्लक।। अचल गुप्ता
सरगुजा अंचल के बतौली में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दल तबाही मचा दूसरी तरफ आगे बढ़ता है तो नया दल या भटके हाथी की दोबारा दस्तक हो जाती है। जिससे ग्रामीणों की रात का नींद और दिन का चैन सब गायब हो चुका है। बारिश के मौसम में हाथियों की निगरानी वन कर्मियों के लिए चुनौती बन गई है। हाथियों के इन गतिविधियों और वनवासियों के इस दशा के बीच जशपुर वन मंडल के बगीचा रेंज की ओर से एक हाथी रा सीतापुर रेंज के सल्याडीह सर्किल में फसल छती एवं 1 झोपड़ी 2 मकान को आंशिक क्षति करते हुए बतौली के बीट बांसाझाल के कक्ष क्रमांक PF 2652 के खोखोरो बहेरा नामक स्थान में विचरण कर रहा है। हाथी के उत्पात से ग्रामीणों में दहशत ने। इस अकेले हाथी ने घर क्षतिग्रस्त करने के साथ ही मक्के की फसल को निवाला बनाया और धान की फसल को रौंद नुकसान पहुंचाया।
समीप के गांवों में दहशत
हाथी के विचरण वाले क्षेत्र से लगे समीप के गांवों में दहशत का माहौल है। नजदीकी ग्राम टींरग, चाऊरपानी, बांसाझाल, आमापानी, कुडकेल , कछारडीह, घोघरा, टेड़गा, मानपुर के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
ढोड़ू आमा में पहाड़ी कोरवा का घर उजाड़ लुण्ड्रा निकला
बतौली क्षेत्र में उत्पात मचाने के बाद यह सिंगल हाथी मानपुर, घोघरा, तेड़गा में करीब तीन एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाते हुए ग्राम ढोड़ू आमा में पहुचा और एक पहाड़ी कोरवा का घर ढहाने के बाद लुण्ड्रा की ओर चला गया।
करा रहे मुनादी, प्रभावितों को आंगनबाड़ी केंद्र में शरण
डिप्टी रेंजर पालेश्वर सिंह ने बताया कि हाथी के नजदीकी ग्राम में मुनादी करा लोगों को सर्तक किया जा रहा है। हाथी द्वारा पहुंचाए गए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। हाथियों की निगरानी की जा रही है। जिनका घर टूटा है उन परिवारों को अस्थाई तौर पर आंगनबाड़ी केंद्र में शरण दिया जा रहा है।

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