सूरजपुर।। खबरी गुल्लक ।। भूपेंद्र राजवाड़े।।
प्रेमनगर जनपद में पदस्थ आरईएस विभाग के एसडीओ इंजीनियर ऋषिकांत तिवारी को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के बाद, गुरुवार की सुबह एसीबी की टीम ने उनके निवास पर दबिश दी और 2 लाख 27 हजार नगद, सोने-चांदी के आभूषण, भूमि से जुड़े दस्तावेज एवं कई संदिग्ध कागजात बरामद किया। मामले की शुरुआत प्रार्थी दिसंबर सिंह की शिकायत से हुई, जिसके अनुसार अभियंता तिवारी द्वारा विभागीय कार्यों की स्वीकृति, माप पुस्तिका की प्रविष्टियों और भुगतान के एवज में लगातार रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और रिश्वत लेते ही तिवारी को हथकड़ी पहना दी। गिरफ्तारी के बाद छापामारी में मिली भारी रकम और दस्तावेजों ने यह संकेत साफ कर दिया है कि रिश्वतखोरी इनके लिए सिर्फ एक ‘आदत’ नहीं बल्कि व्यवस्थित ‘कमाई का जरिया’ थी। एसीबी सूत्रों का कहना है कि इंजीनियर तिवारी लंबे समय से ठेकेदारों और लाभार्थियों से निर्माण कार्यों की स्वीकृति के नाम पर अवैध वसूली कर रहा था। लगातार मिलती शिकायतों और बढ़ते सबूतों के बाद ही यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी। बरामद संपत्ति की प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि एसडीओ की संपत्ति उसकी ज्ञात आय से कई गुना अधिक है। ऐसे में विभाग अब उन पर अनुपातहीन संपत्ति का मामला दर्ज करने की तैयारी में है। बैंक खातों, निवेशों और संभावित बेनामी संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले में हलचल तेज हो गई है। सरकारी महकमों में खौफ का माहौल है और आम जनता में राहत की भावना। नागरिकों का कहना है कि रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे तंत्र को साफ करने में मील का पत्थर साबित होगी। सामाजिक संगठनों ने भी एसीबी की तत्परता और साहस की सराहना की है। जनता का पैसा विकास में लगे, यह जनता की अपेक्षा है परंतु ऐसे भ्रष्ट अधिकारी सरकारी सिस्टम पर कलंक बन गए हैं। एसडीओ तिवारी के घर से बरामद रकम और दस्तावेज इस बात का दर्दनाक सबूत हैं कि भ्रष्टाचार किस स्तर पर जम चुका था। एसीबी की यह कार्रवाई बताती है कि अब भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सिर्फ नारा नहीं, कार्रवाई का रूप ले चुका है।जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और तिवारी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ेगी। जिले की जनता अब उम्मीद कर रही है कि यह सिर्फ शुरुआत है और भी रिश्वतखोर अफसर इसी तरह कानून के शिकंजे में आएंगे।



