अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।।
शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अम्बिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया, इस कार्याक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मंजूषा भगत महापौर, विशिष्ट अतिथि रामलखन सिंह पैंकरा प्रदेश उपाध्यक्ष जनजातीय गौरव समाज , मुख्य वक्ता इन्दर भगत प्रदेश अध्यक्ष जनजातीय गौरव युवा समाज, करता राम गुप्ता संरक्षक जनजातीय गौरव समाज तथा बिहारी लाल तिर्की, जिला अध्यक्ष जनजातीय गौरव समाज, सरगुजा उपथित रहे। मुख्य अतिथि श्रीमती मंजूषा भगत ने सरगुजिहा बोली में वक्तव्य दिया व छात्राओं को अपनी बोलियों को बोलने के लिए प्रात्साहित किया। उन्होंने कहा कि जाति पर संकोच न करें, गर्व करें। राष्ट्रपति श्रीमती दौपदी मुर्मु के सरगुजा अगमन को भी सरगुजा के लिए गौरवपूर्ण पल कहा। उन्होने जल- जंगल- जमीन और आदिवासी परम्परा को संरक्षित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जल जंगल जमीन की सुरक्षा से ही आदिवासियों की सुरक्षा होगी और संस्कृति ,परम्परा जीवित रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के प्रतिमा पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर और राज्य गीत एवं स्वागत से हुआ। प्राचार्य ने स्वागत उद्बोधन दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इन्दर भगत ने 1857 की क्रांति व उसके पूर्व के जनजातीय जननायक पर विस्तार से प्रकाश डाला और भगवान बिरसा मुण्डा के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया, उन्होंने ने कहा की जनजातियों को सही तौर पर जानने के लिए उनके महापुरूषों को देखना-समझना पडे़गा।
विशिष्ट अतिथि रामलखन पैंकरा ने जनजातीय संस्कृति, परंम्परा को गैर जनजाति तक पहुँचाने की बात कही। उन्होंने कहा की कुछ बातें अन्य समुदाय जनजातीय संस्कृति से भी सीख सकते हैं। एकलव्य की जीक्र करते हुए उन्होने दुसरे को दान देने की प्रवृत्ति को प्रात्साहित किया और अपनी कमाई का दसवां हिस्सा समाज को देने के लिए कहा। छात्राओं द्वारा फैन्सी ड्रेस की प्रस्तुति दी गई जिसमें मानसी राजवाडें को उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं भरथरी गीत गायन पर विशिष्ट अतिथि श्री रामलखन सिंह पैंकरा द्वारा इनाम राशि दी गई। अनुराध पैकरा ने रोपा गीत गाया तथा छात्राओं द्वारा करमा गीत गाया। साथ ही छात्राओं द्वारा निर्मित जनजातीय महापुरूष तथा जनजातीय कला संस्कृति को उजागर करती पोस्टर प्रदर्शनी व रंगोली से महाविद्यालय प्रांगण को सजाया गया।
हुआ विविध आयोजन
महाविद्यालय प्रांगण में ‘फूड फेस्टिवल‘ भी मनाया गया जिसमें छात्राओं द्वारा विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों का स्टॉल लगाया गया जिनका अतिथिगण तथा महाविद्यालय के स्टॉफ ने निरिक्षण, व्यंजन चख कर छात्राओं का उत्साह वर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में करमा नृत्य द्वारा कार्यक्रम का समापन किया गया जिसमें अतिथिगण ने भी उत्साह से भाग लिया। श्वेता सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम में संयोजक प्रियंका सिन्द्रामे, सहायक प्राध्यापक प्राणी शास्त्र, सह संयोजक श्वेता, सहायक प्राध्यापक समाजशास्त्र रहीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी , छात्राएं उपस्थित थे।





