मैनपाट।। खबरी गुल्लक।। (महेश यादव)।। कभी नक्शे पर नाम तो था, लेकिन शासन की योजनाओं से कोसों दूर रहा ऐसे दमाली, परसाकछार और बकरलोटा गांव अब विकास की रोशनी में नहाने को तैयार हैं। सीतापुर विधानसभा के विधायक रामकुमार टोप्पो ने बीते दिनों इन तीनों दुर्गम बस्तियों का दिनभर पैदल दौरा कर वहां के लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया। दोपहर 1 बजे से शाम 8 बजे तक पहाड़ी और कच्चे रास्तों पर चलकर उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और चल रहे विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया। यह उनके विधानसभा जीत के बाद इस क्षेत्र का चौथा दौरा था, जो बताता है कि वे केवल भाषणों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर जनसेवा को प्राथमिकता दे रहे हैं। कठिन पर्वतीय परिस्थिति और सीमित संसाधनों के बावजूद विधायक टोप्पो का यह प्रयास, इस क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत की आहट बन गया है।
अब बदल रही है तस्वीर
दमाली, परसाकछार और बकरलोटा जैसे गांव वर्षों तक सड़क, बिजली, पेयजल, विद्यालय और आंगनबाड़ी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। ग्रामीणों को हर सुविधा के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता था। बच्चे शिक्षा के लिए रोजाना कठिन पहाड़ी रास्ते पार करते थे, जबकि बीमार मरीजों को चारपाई पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ता था। लेकिन अब तस्वीर बदलने लगी है। विधायक श्री टोप्पो ने इन क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने की पहल की है। बकरलोटा मुख्य नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव राज्य बजट में स्वीकृत कर लिया गया है। दमाली से परपाटिया तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव भी सूचीबद्ध किया गया है। विद्यालय भवन निर्माण के लिए 19 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे बच्चों को अब बेहतर शिक्षा का वातावरण मिलेगा।वहीं पेयजल संकट दूर करने के लिए हैंडपंप स्वीकृत किए गए हैं ताकि हर घर तक साफ पानी पहुंच सके। विधायक ने बिजली विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिन बस्तियों में अभी भी बिजली नहीं पहुंची है, वहां तत्काल सर्वे कर कार्य प्रारंभ किया जाए। आंगनबाड़ी भवन के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
विधायक ने कहा यह है हमारा संकल्प
विधायक टोप्पो ने दौरे के दौरान ग्रामीणों से बातचीत में कहा कि हमारा संकल्प है कि सीतापुर विधानसभा का कोई भी कोना अब विकास से वंचित न रहे। आजादी के 76 वर्ष बाद भी जो क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से दूर थे, वे अब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखेगा। मैं खुद पैदल चलकर देख रहा हूं कि कहां क्या कमी है, ताकि किसी गांव को अब पिछड़ेपन की कैद में न रहना पड़े।
उम्मीदों की नई रोशनी
जब विधायक खुद कठिन मार्गों से पैदल चलकर गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों की भावनाएं छलक उठीं। कई बुजुर्गों ने कहा कि उन्होंने पहली बार किसी जनप्रतिनिधि को अपने गांव तक आते देखा है। यह उनके लिए केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि भरोसे की पुनर्स्थापना का क्षण था। ग्रामीणों का कहना है कि अब सड़क और पुल बनने से आवाजाही आसान होगी, बच्चे स्कूल तक सुरक्षित पहुंच सकेंगे, और प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाएं भी इनके दरवाजे तक पहुंचेंगी।
सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा में अतीत में जो क्षेत्र सरकार की योजनाओं से कटे हुए थे, वे अब तेजी से जुड़ रहे हैं। मैनपाट के इन दुर्गम इलाकों में पुल, सड़क, आंगनबाड़ी, पेयजल और स्कूल जैसे बुनियादी कार्य गति पकड़ चुके हैं। जल्द ही यहां की कच्ची पगडंडियां पक्की सड़कों में बदल जाएंगी और जो गांव कभी पहुंच विहीन कहलाते थे वे विकास के नक्शे पर अपनी नई पहचान दर्ज कराएंगे।