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जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद सट्टा पट्टी का मास्टर माइंड दीप सिंहा पुणे में 25 हजार रुपए महीना के किराए के मकान में कर रहा था निवास..! सरगुजा पुलिस ने पकड़ने का नहीं खोया चांस ..

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 20 जनवरी 2026:

जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद आनलाइन सट्टा पट्टी का मास्टर माइंड आरोपी दीप सिंहा उर्फ आयुष सिंहा पुणे में 25 हजार रुपए महीना के किराए के मकान में निवास करते हुए छिपा हुआ था। सरगुजा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में सीएसपी आईपीएस अधिकारी राहुल गांधी के नेतृत्व में कोतवाली अंबिकापुर और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने पुणे में दबिश से उसे गिरफ्तार करने में सफलता पाई। 

  आरोपी क्रिकेट मैचों पर लाखों-करोड़ों का सट्टा चलाकर अवैध कमाई कर रहा था।मामले का खुलासा 13 मई 2024 को कोतवाली थाना पुलिस की पेट्रोलिंग के दौरान मुखबीर सूचना पर हुआ। टीम ने अंबिकापुर के सत्तीपारा शिव मंदिर के पास तीन सटोरियों—आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उर्फ पहलू और शुभम केशरी—को रेड में पकड़ा। उनके कब्जे से 19 मोबाइल फोन, 3 पासबुक, 2 चेकबुक, 21 एटीएम कार्ड, 20,100 रुपये नकद और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। ये सामान आईपीएल मैच (गुजरात टाइटंस बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स) पर स्काईएक्सचेंज लिंक के जरिए ऑनलाइन सट्टा चलाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।पूछताछ में पता चला कि आरोपी अपने संपर्कों के खाते, एटीएम, चेकबुक और मोबाइल नंबर लेकर फर्जी बैंक खाते खोलते थे। लगभग 300 फर्जी खातों में करोड़ों का लेन-देन हुआ। कोतवाली थाने में  धारा 7, 8 च्हत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ, बाद में धारा 467, 468, 471, 120(बी) भादवि तथा 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट जोड़ी गई।इससे पहले ऋतिक मंडिलवार उर्फ बमफोड़, नितिन यादव, अमित कुमार मिश्रा उर्फ पहलू, ध्रुवील पटेल, मुकेश त्रिपाठी और सत्यम केशरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जमानत के बाद से फरार दीप सिन्हा आयुष सिन्हा  32 वर्ष निवासी नेहरू वार्ड शिव मंदिर के पास अंबिकापुर के खिलाफ उद्घोषणा जारी थी। साइबर सेल और कोतवाली टीम ने उसे पुणे से पकड़कर अंबिकापुर लाया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा और आरक्षक मनीष सिंह सक्रिय रहे। 

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