अंबिकापुर/ जशपुर।। खबरी गुल्लक।।8 जनवरी 2026।।
कल्पना कीजिए, आपका ट्रांसफर हो गया लेकिन खुशी की जगह डर बैठ गया। परिवार के पास रहने के चक्कर में भृत्य योगेश सांडिल्य 38 वर्ष ने महिला-बाल विकास विभाग में आवेदन किया और सहायक ग्रेड- 2 गिरीश कुमार वारे ने मौका देख लिया। ट्रांसफर कराऊंगा बस 80 हजार दे दो! ये डायलॉग तो फिल्मी लगे, लेकिन हकीकत में जशपुर जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में यही हुआ!
जून 2025 में ट्रांसफर लोदाम हो गया। पैसे मांगे गए, योगेश ने कहा पैसे नहीं हैं तो वारे ने पल्सर 180 नंबर: CG 14 MN 6259 गिरवी रख कहा पैसे दो, बाइक लो! योगेश ने रिश्वत न देकर एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर को खबर की। शिकायत सही पाई गई, और आज शाम कार्यालय परिसर में 40 हजार की पहली किस्त लेते ही गिरीश रंगे हाथों गिरफ्तार हो गया। पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत कार्रवाई, करते हुए आगे की जांच की जा रही है। एसीबी ने एक बार फिर साबित कर दिया रिश्वतखोरी का जाल बनोगे तो खुद फंस जाओगे। जशपुर के सरकारी दफ्तरों में अब हड़कंप जैसे हालात हैं। क्या और खुलासे होंगे। कमेंट में बताओ, ऐसे अफसरों पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए?

.jpg)





















