अंबिकापुर/ कोरबा।। 13 जनवरी 2026।।
हरदीबाजार तहसील के ग्राम कोरबी धतुरा में रहने वाले आदिवासी किसान सुमेर सिंह गोंड़ 50 वर्ष ने धान बिक्री न होने और प्रशासनिक लापरवाही से तंग आकर रविवार देर रात जहर का सेवन कर लिया। अच्छी फसल होने के बावजूद ऑनलाइन पंजीयन, रकबा सत्यापन और अन्य समस्याओं के कारण वह डेढ़ माह से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि तहसीलदार और पटवारी की लापरवाही ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया। सुमेर सिंह अपनी 3 एकड़ 75 डिसमिल जमीन पर धान की खेती करते हैं। इस साल अच्छी पैदावार हुई थी, जिससे वे उत्साहित थे। लेकिन एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीयन के बाद सत्यापन के लिए भटकते रहे। रकबा संबंधी दिक्कतों का समाधान न होने से मानसिक तनाव बढ़ता गया और आखिरकार उन्होंने जहर खा लिया।
जांच कमेटी गठित, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का वादा
प्रशासन ने घटना के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया और तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा, "किसान द्वारा जहर सेवन की इस दर्दनाक घटना की गहन जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। पटवारी, तहसीलदार या कोई अन्य अधिकारी यदि दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। जांच रिपोर्ट एक-दो दिनों में आ जाएगी। सुमेर सिंह की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।

.jpg)





















