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भारतीय पत्रकार समिति छग के प्रदेश महासचिव अखिलेश जायसवाल को झूठे मामले में फंसाने कथित तौर पर सूरजपुर जिले के पत्रकारों ने ही पुलिस से मिल रचा षड्यंत्र..., आईजी सरगुजा को ज्ञापन सौंप निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।। 5 जनवरी 2026।।

सूरजपुर जिला के ग्राम मंहगई रामानुजनगर निवासी व एक दैनिक खबर के साथ सच बेधड़क का स्थानीय प्रतिनिधि और  भारतीय पत्रकार समिति छग के प्रदेश महासचिव अखिलेश जायसवाल ने आज 5 जनवरी 2026 को पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा को ज्ञापन सौंपकर  विश्रामपुर के एक पत्रकार और महंगई  के सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ विश्रामपुर थाना में पुलिस की मिली भगत से उसके खिलाफ कोयला तस्करी के झूठे केस में फंसाने षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए आरोपों की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। 

अखिलेश जायसवाल ने दो नामजद मीडियाकर्मियों के खिलाफ आरोप लगाया है कि  प्रतिस्पर्धा के चलते ये दोनो पत्रकार कथित तौर पर हमेशा कुछ ना कुछ षडयंत्र मेरे खिलाफ रचते रहते है तथा गुमनाम शिकायत करते हैं। मैं कई बार इन दोनों से ऐसा न करने  अनुरोध कर चुका हूं पर ये हमेशा अपमानजनक बर्ताव मेरे साथ करते हैं। आरोप लगाया कि दिनांक 30. 12.2025 को सुबह के समय मुझे मीडिया करवेज के हिसाब से सूचना मिली कि ग्राम लैंगा के पास बिलासपुर की तरफ से आ रहे कोयला लोड़ ट्रक को पुलिस द्वारा रोक कर जांच की जा रही है और वहां पर कुछ पत्रकार भी पुलिस के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलने पर मैं भी समाचार संकलन के उद्देश्य से ग्राम लैंगा से आगे राजापुर चौक के पास ट्रक क्र. सी.जी. 15 ए.सी. 4616 को खड़ा कर उसके चालक और खलासी को गाड़ी से उतार कर पुलिस के उपस्थिति में ही दो पत्रकारों के द्वारा हाथ-मुक्का और डण्डे से मारपीट की जा रही थी। उस गाड़ी का ड्रायव्हर जो उसे पहले से पहचानता रहा होगा वह मुझे देख कर अपने बचाव में जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि भैया मुझे बचाईये, मैं संदीप भैया का चालक हूं,। उनका कोयला लोड ट्रक बिलासपुर से लेकर आ रहा हूं और ये लोग मेरे साथ यहां पर पिछले 2 घण्टे से गाड़ी रोके हुये हैं, और मारपीट कर रहें हैं। अखिलेश जायसवाल ने ज्ञापन में यह भी लिखा है कि जब मैं उनका अपने मोबाईल से विडियो रिकार्डिंग करने को हुआ तो पुलिस वाले उक्त दोनों पत्रकार  को मारपीट करने से मना कर मेरे को भी विडियो रिकार्डिंग करने से रोक दिये और कहे कि थाना में जाकर पूछताछ कर आगे का कार्यवाही करेगें।

पुलिस वाले राजापुर चौक से ट्रक और ट्रक के दोनो स्टाफ को लेकर विश्रामपुर थाना की ओर जाने लगे तो मैं भी पीछे-पीछे थाना विश्रामपुर तक गया तो कुछ देर में फिर से उक्त दोनों पत्रकार विश्रामपुर थाना साथ आये और थाना के अंदर जाकर ट्रक के  चालक और खलासी के साथ फिर से मारपीट करने लगे।  मेरे द्वारा पुलिस वालों को कहे जाने पर कि ये लोग थाना के अंदर घुस कर किसी के साथ कैसे और किसके परमिशन से मारपीट कर रहें हैं? तब पुलिस वाले मध्यस्थता कर मुझे थाना से वापस भेज दिये। दोनों पत्रकार को भी थाना से निकाल दिये और कहे कि जांच में जो पाया जायेगा उस के आधार पर कार्यवाही करेंगें। लेकिन पुलिस को संदेह था कि मैं कहीं इस घटना का विडियो रिकार्डिंग तो नहीं कर लिया हूं, जब मेरे द्वारा पुलिस को आश्वस्त किया गया कि मेरे द्वारा कोई रिकार्डिंग नहीं किया गया है तब पुलिस वाले माने और मुझे जाने दिये।

अखिलेश जायसवाल ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि बाद में मुझे विश्वस्त सूत्रों से मालूम चला है कि दोनों पत्रकार द्वारा बिश्रामपुर थाना और साईबर थाना की पुलिस के साथ मिल कर मुझे उस लोड कोयला ट्रक के मामले में फंसाने के लिये योजनाबद्ध तरिके से काम किया गया है। मुझे मामले में फंसाने जा रहें हैं कि अवैध कोयला भरा ट्रक पकड़े जाने पर मैं उसे छुड़ाने के प्रयास में लगा हुआ था जिस कारण मेरी भी सहभागिता है जबकि मैं समाचार संकलन के लिये गया था और अपने सामने अनैतिक कृत्य होता देख मेरे द्वारा मौके पर उसका विरोध किया था।  जिस कारण इन लोगो को शंका है कि कहीं मैं उक्त अनैतिक कृत्य का विडियो रिकार्डिंग कर उसे अपने पास रख कर उसका कहीं उपयोग न कर दूं इस कारण मुझे उक्त मामले में यदि फंसा दिया जायेगा तो मेरे पास मौजूद विडियो रिकार्डिंग निष्प्रभावी हो जायेगा। अखिलेश जायसवाल ने आईजी से मांग किया है कि मेरे शिकायत पर संज्ञान लेकर वास्तविक तथ्यों के संबंध में जांच करा कर फर्जी कार्यवाही करने का साजिश रचे जाने वाले दोषी पुलिस कर्मियों व इन दोनो पत्रकारों पर कार्यवाही करें। 

यह समाचार पुलिस महानिरीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर बनाया गया है,यदि इस मामले में दूसरा आरोपित पक्ष भी अपनी बात रखना चाहे तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। वे 9926849074 इस मोबाइल नंबर पर अपना पक्ष भेज सकते हैं। 



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