बलरामपुर।। 19 जनवरी 2026 (खबरी गुल्लक स्पेशल)
दोस्तों, खबरी गुल्लक की ये ताजा रिपोर्ट सीधा आ रही है बलरामपुर के विकासखंड रामचंद्रपुर से, जहां शिक्षा विभाग के आकाश में काले बादल मंडरा रहे हैं। कल्पना कीजिए, वो शिक्षक जो बच्चों को पढ़ाने-लिखाने का बीड़ा उठाते हैं, आज खुद अपने हक के लिए शासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। 2 साल से ज्यादा हो गए, लेकिन पदोन्नत प्रधानपाठक शिक्षक एलबी संवर्ग और नवीन भर्ती के सहायक शिक्षकों को उनका हकदार वेतन एरियर्स नहीं मिला। ये एरियर्स नहीं, बल्कि उनकी मेहनत की कमाई है, जो सरकारी खजाने में कैद पड़ी है। आज शिक्षकों ने अंतिम चेतावनी भरी ज्ञापन सौंपा और 21 जनवरी 2026 को धरना-प्रदर्शन और बीईओ कार्यालय घेराव का ऐलान कर दिया। अब सवाल ये है कि क्या प्रशासन जागेगा, या बाढ़ की तरह शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ेगा?
एरियर्स का लंबा इंतजार
रामचंद्रपुर ब्लॉक के सैकड़ों शिक्षक- शिक्षिकाएं आज बीईओ कार्यालय पहुंचे। इनमें पदोन्नत प्रधानपाठक एलबी संवर्ग के वे योद्धा शामिल हैं, जिन्होंने सालों की निष्ठा से स्कूलों को संवारा। नवीन भर्ती के सहायक शिक्षक भी कतार में हैं, जिनका वेतन एरियर्स के रूप में लंबित है। हम बच्चों को भूखा नहीं सोने देते, लेकिन खुद का परिवार कैसे चलाएं, ये सवाल हर शिक्षक के चेहरे पर नजर आ रहा था। 2 साल से ज्यादा वक्त बीत चुका, बावजूद राज्य सरकार के आदेशों के पैसे नहीं पहुंचे। महंगाई के इस दौर में बिना एरियर्स के घर कैसे चलें? बच्चों की फीस, मेडिकल खर्च सब लटका हुआ। संघ के नेताओं ने साफ कहा, ये अंतिम ज्ञापन है। अगर 21 जनवरी तक एरियर्स नहीं मिले, तो बीईओ कार्यालय के दरवाजे बंद कर देंगे। धरना होगा, घेराव होगा, और जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट का रास्ता अख्तियार करेंगे।
कार्यालय का बाबू भी समस्या की जड़
ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों का रोष सिर्फ एरियर्स पर नहीं थमा। कार्यालय में संलग्न बाबू पर भी भारी आरोप लगे। संघ का दावा है कि राज्य से आदेश जारी हो चुका, फिर भी बाबू फाइलें दबाए बैठे हैं। सवाल उठाया गया पूर्व ज्ञापनों का क्या हुआ? सब कागजों में दफन है । एक शिक्षिका ने खबरी गुल्लक को बताया कि बाबू साहब कहते हैं ऊपर से आदेश आएगा लेकिन ऊपर से तो आ चुका। ये लापरवाही क्यों। पूर्व ज्ञापनों का हवाला देकर संघ ने चेताया मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन बाध्यकारी। ये बाबू समस्या की जड़ हैं, जिनकी वजह से सैकड़ों परिवार परेशान।
इन्होंने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदीप चौबे, राज वैभव सिंह, संजय यादव, नंद गुप्ता, सिम्मी गुप्ता, विभा कश्यप, नीमा गुप्ता, ममता ठाकुर, माइकेला लकड़ा, साधना एक्का, ममता मिंज, माधुरी साहू, कमल नयनी, सोनिया ओयमा सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। प्रदीप चौबे, राज वैभव सिंह ने कहा कि हमारा सब्र का बांध टूटने वाला है। प्रशासन जागे, वरना तूफान आएगा।### आगे क्या? 21 जनवरी का इंतजार
दोस्तों, ये सिर्फ रामचंद्रपुर की कहानी नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग की सच्चाई है। सरकार ने वादे किए, लेकिन अमल कब? खबरी गुल्लक अपडेट देता रहेगा। अगर एरियर्स जारी रहे, तो धरना-घेराव के बाद क्या? बीईओ साहब, जिलाधिकारी महोदय – वक्त है जागने का। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं, उनका हक लौटाओ!

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