अंबिकापुर/ राजनांदगांव।। खबरी गुल्लक ।। 13 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने शासकीय प्राथमिक स्कूल इंग्नाइट गंजपारा की सहायक शिक्षिका श्रीमती पूनम सिंह को कड़ी चेतावनी भरा नोटिस जारी किया है। नोटिस में ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति के लिए CGVSK ऐप इंस्टॉल न करने और व्यक्तिगत फोन पर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को जाहिर करने पर अनुशासनिक कार्रवाई की बात कही गई है। अधिकारियों ने इसे शासन के नियमों का उल्लंघन बताते हुए तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है।
नोटिस (क्रमांक 19/2026) में श्रीमती पूनम सिंह के द्वारा भेजे गए सूचना पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि उन्होंने CGVSK ऐप इंस्टॉल न करने के तीन मुख्य कारण बताए थे। उनका व्यक्तिगत मोबाइल पुरानी तकनीक का होने से ऐप के लिए अनुकूल नहीं है, जिससे तकनीकी समस्या हो रही है। फोन में निजी बैंकिंग डिटेल्स और पारिवारिक फोटो होने से ऐप एक्सेस देने पर बैंकिंग फ्रॉड, डेटा चोरी, डीपफेक, AI दुरुपयोग और साइबर खतरे की आशंका है। विभाग द्वारा कोई सरकारी टैबलेट, मोबाइल या बायोमेट्रिक डिवाइस उपलब्ध न होने से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने सरकारी डिवाइस और डेटा सिम उपलब्ध कराने तथा तब तक मैनुअल उपस्थिति की अनुमति की मांग की थी। शिक्षा अधिकारी ने इन टिप्पणियों को शासन-विरोधी करार दिया है। नोटिस में कहा गया, यह कृत्य कार्य के प्रति उदासीनता, कर्तव्यहीनता और शासन नियमों की लापरवाही दर्शाता है, जो सिविल सेवा आचरण नियम 1965 (3) के विपरीत है। साथ ही, CGVSK ऐप को शासन द्वारा सुरक्षित बताते हुए शिक्षिका की चिंताओं को खारिज किया गया। अधिकारियों ने इसे अन्य कर्मचारियों को भड़काने और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की अवहेलना माना है।
शिक्षिका को तत्काल तीन दिनों के अंदर कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है। चेतावनी दी गई कि असंतोषजनक स्पष्टीकरण पर अनुशासनिक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को सिफारिश की जाएगी और इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगी।
सरकारी डिवाइस की मांग
यह मामला छत्तीसगढ़ सरकार के डिजिटल उपस्थिति पहल से जुड़ा है, जहां सभी सरकारी शिक्षकों को CGVSK (छत्तीसगढ़ विद्यालय प्रबंधन प्रणाली) ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य किया गया है। कई शिक्षक व्यक्तिगत डिवाइसों की कमी और गोपनीयता चिंताओं का हवाला देकर इसका विरोध कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी डिवाइस उपलब्ध न होने से ग्रामीण शिक्षकों को परेशानी हो रही है।
वैध चिंताओं को नजरअंदाज करना सही नहीं
यह घटना शिक्षक संगठनों में चर्चा का विषय बन गई है। जिला शिक्षक संघ के एक पदाधिकारी ने कहा शिक्षकों की वैध चिंताओं को नजरअंदाज कर नोटिस जारी करना उचित नहीं। सरकार को डिवाइस उपलब्ध कराने चाहिए। विभागीय पक्ष से अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

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