अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।
मनरेगा योजना में बदलाव को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन मनरेगा बचाओ संघर्ष के तहत आज पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के नेतृत्व में उदयपुर एवं लखनपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के द्वारा 11 किमी से अधिक की पदयात्रा की गई। यात्रा का प्रथम चरण उदयपुर विकासखंड के ग्राम दावा से प्रारंभ होकर मनोहरपुर, विशुनपुर, मृगाडाँड़, डुमरडीह होते हुए उदयपुर में समाप्त हुई। इस दौरान उदयपुर में मनरेगा को बहाल करने और न्यूनतम मजदूरी 400₹ करने के लिए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार उदयपुर को दिया गया। दूसरे चरण में लखनपुर विकासखंड के ग्राम कोसगा से ग्राम बंधा तक 3 की मी की यात्रा की गई। दोनो विकासखंड में यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ ही पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। ग्राम दावा से यात्रा प्रारंभ करने के पूर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या करने वाली विचारधारा जो इस समय सत्ता पर काबिज है मनरेगा जैसे लोककल्याणकारी योजना को समाप्त कर देश के ग्रामीण मजदूरों के रोजगार की गारंटी को समाप्त कर उन्हें कारपोरेट का बंधुआ मजदूर बनाने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मनरेगा आम आदमी को उसके निवास क्षेत्र में काम की गारंटी देता था। केंद्र सरकार के द्वारा आर्थिक रूप से पोषित इस योजना के फलस्वरूप ही संकट काल मे लोगों को रोजगार मिला। लेकिन रोजगार प्रदान करने वाले इस कानून को योजना के रूप में बदलकर और इसका आर्थिक भार राज्यसरकारों पर डालकर केन्द्र की मोदी सरकार एक तरह से इस महत्वाकांक्षी योजना को बरबाद करने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में इन घातक बदलावों के मुख्य उद्देश्य अपने गांवों में रोजगार प्राप्त कर रहे ग्रामीणों को बेरोजगार कर उनके श्रम को कौड़ियों के भाव अपने कारपोरेट मित्रों को सौपने का है। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार वाकई में ग्रामीण मजदूरों की हितैषी है तो वो मनरेगा को पुनः बहाल करने के साथ ही साथ मजदूरी की न्यूनतम दर 400₹ करे। दोनो चरणों की इस पदयात्रा जे दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक, मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन के संभागीय प्रभारी जे पी श्रीवास्तव, सरगुजा जिले के प्रभारी डॉ प्रेमसाय सिंह, विक्रमादित्य सिंहदेव, ओमप्रकाश सिंह, अमित सिंहदेव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
क्या मोदी सरकार देशवासियों को अमेरिका का ब्लड मिल्क पिलाएगी
यात्रा के दौरान मीडिया के द्वारा अमेरिका से हुए ट्रेड डील को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी एस सिंहदेव से सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा को समाप्त कर मोदी सरकार एक ओर ग्रामीण मजदूरों को बेरोजगार कर रही है वहीं अमेरिका के साथ ट्रेड डील कर देश के किसानों पर भी वज्रपात कर रही है। इस ट्रेड डील के कारण अमेरिका के किसानों की उपज विशेष तौर पर गेंहू, मक्का, दलहन और तिलहन 0 प्रतिशत टैरिफ के कारण कौड़ियों के दाम देश के बाजारों में आ जायेगा जिससे देश के किसानों को भारी घाटा होना तय है। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इस डील के कारण देश मे अमेरिका के डेयरी उत्पाद के देश मे आने की संभावना है जिसमें वहाँ का ब्लड मिल्क प्रमुख है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी डेयरी फार्म अपनी गायों को कसाईखानों से निकलने वाले रक्त आदि अवशेष को चारे में मिलाकर खिलाते हैं। ऐसे डेयरी फार्म से निकलने वाला दूध ब्लड मिल्क या रक्त दूध कहलाता है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या अमेरिका के साथ हुए इस ट्रेड डील से भारत मे जहाँ गाय पूज्यनीय है वहाँ के नागरीको को इस प्रकार का दूध परोसने की तैयारी मोदी सरकार कर रही है, हाँ या ना स्पष्ट करें।
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