रायपुर।। खबरी गुल्लक।।
रायपुर पुलिस ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी का झांसा देकर 52 लोगों से 2.34 करोड़ रुपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मास्टरमाइंड नरेश मनहर 39 वर्ष मूल रूप से जांजगीर-चांपा के बिर्रा निवासी, सहित भुनेश्वर बंजारे, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा जैसे इलाकों के बेरोजगार युवाओं को पोस्टमास्टर व पोस्टमैन की नौकरी दिलाने का लालच दिया। प्रत्येक से लाखों रुपये वसूलकर फर्जी जॉइनिंग लेटर दिए, जो पोस्ट ऑफिस पहुंचने पर फर्जी साबित हुए। नरेश ने अभनपुर व आमासिवनी में गुडलक माइक्रो फाइनेंस, हेल्थ केयर व फूड सर्विस जैसी फर्जी कंपनियां भी चलाईं।
नोट गिनने की मशीन भी मिली
नरेश के ठिकानों से नोट गिनने की मशीन, कलर प्रिंटर, लैपटॉप, फर्जी पोस्ट ऑफिस नियुक्ति पत्र व पुणे के डी. वाई. पाटिल विद्यापीठ की दो फर्जी MBBS डिग्री जब्त हुईं। पुलिस को 35-40 लाख लेकर फर्जी डिग्री बेचने के सुराग भी मिले, जिसमें एक डॉक्टर के खाते में 40 लाख का ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड शामिल है। बैंक खाते, चेकबुक व कार भी सीज कर ली गईं।
दसवीं पास खुद को बता रहा था डॉक्टर
10वीं पास नरेश खुद को डॉक्टर बताकर दिल्ली शिफ्ट हो चुका था और वहां फर्जी डिग्री से अस्पताल चला रहा था। उसके साथी पीड़ितों से पैसे वसूलते, दस्तावेज लेते व फर्जी कागजात तैयार करते थे। पहले नकली नोट केस में भी पकड़ा चुका है। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में धारा 318(4), 336(2), 340(1), 340(2), 3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज। सभी आरोपी जेल भेजे गए, और और फ्रॉड मामलों की जांच जारी है। डीसीपी सेंट्रल उमेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बड़े फर्जीवाड़े खुलने की आशंका है।

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