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AI बन गया झोला छाप डाक्टर.. अस्पताल जाने के बजाए मोबाइल को बना रहे क्लिनिक..! गलत सलाह आफ़त में डाल रही जान, लोग परेशान, चिकित्सक हो रहे हैरान

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अंबिकापुर।।  खबरी गुल्लक 

कल्पना कीजिए रात के 2 बजे बुखार चढ़ा तो फोन निकाला और AI से पूछा डॉक्टर साहब, क्या दवा लूं? AI ने तुरंत लिस्ट थमा दी। मरीज सीधे  दुकान से दवा ले सेवन कर सो जाता है। सुबह उठते ही  चेहरे पर सूजन, सांस फूलना सहित अन्य परेशानी के साथ पहुंच जाता है सीधे अस्पताल। AI के इस्तेमाल का अब दुष्परिणाम भी आने लगा है। हैरानी की बात तो यह है कि लोग अब AI को ही डाक्टर समझने लगे हैं, गलत सलाह, गलत दवा जान आफ़त में डाल रही है। 

इस तरह का चौंकाने वाला मामला देहरादून में सामने आया है । देहरादून के मेडिकल कॉलेज का ओपीडी अब AI के शिकारों से भरा पड़ा है। हर रोज 10 से 15 मरीज गलत दवाओं के रिएक्शन से आ रहे हैं। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं AI कोई डॉक्टर नहीं है, जानलेवा सलाह दे सकता है, सावधान रहें,सतर्क रहें। यह स्थिति केवल देहरादून की नहीं बल्कि सभी प्रांतों, शहरों में है। समय का अभाव, डॉक्टर की फीस के चलते भी कई लोग शारीरिक तकलीफ के लिए पहले AI से सलाह लेते हैं.. फिर पहुंच जाते हैं असली अस्पताल.! 

 AI ने लोगों को बना दिया डॉक्टर 

लोग अब AI को भगवान मान बैठे हैं। सिरदर्द हुआ तो पूछा कैंसर तो नहीं? AI ने लिस्ट शुरू की , माइग्रेन से लेकर ट्यूमर तक। मरीज ने डर के मारे दवा खा ली बिना डॉक्टर की सलाह के।  नतीजा निकला घबराहट, खुजली, चेहरे पर सूजन, एलर्जी। देहरादून अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर अरुन पांडेय बताते हैं, शरीर हर दवा को स्वीकार नहीं करता। गलत दवा  जहर के समान होता है।  ऐसे केस 10 गुना बढ़े हैं। स्पेलिंग मिलती-जुलती दवाओं जैसे Crocin vs. Crocin-X) में AI भ्रमित कर देता है। जान पर बन आती है!

रिपोर्ट देखने AI से मत पूछो

पैथोलॉजी रिपोर्ट आते ही अब एक नया ट्रेंड बन गया है, AI से पढ़ लो। AI बिना ब्लड प्रेशर, शुगर चेक किए सब बता देता है । संभावित डायबिटीज, किडनी फेलियर...। डॉक्टर इस पर चिंता जताते हुए कहते हैं भौतिक जांच के बिना रिपोर्ट का मतलब कुछ नहीं। ऐसे मरीजों की संख्या डराने वाली है। डाक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट AI से पूछना जानलेवा भी हो सकता है। 

ऑपरेशन से पहले AI ने बता दी प्रक्रिया

देहरादून के अस्पताल में क्या एक मरीज आया, बोला डॉक्टर साहब, ऑपरेशन में पहले चीरा, फिर स्टेंट डालना है न? डॉक्टर हैरान रह गए । पूछने पर मरीज ने AI से जानकारी लेने की बात बताई। डाक्टर  हंस पड़े, उन्होंने भी AI से पूछा तो  यूट्यूब स्टाइल में पूरी प्रक्रिया बता दी। डाक्टर अविनाश ने कहा कि AI की भ्रामक और गलत जानकारी जानलेवा हो सकती है। आपरेशन के पूर्व गलत जानकारी से मरीज के मन में डर पैदा होगा। 

सलाह: AI दोस्त है, डॉक्टर नहीं

डॉक्टरों ने कहा है कि केवल लक्षण बताकर दवा न लें। रिपोर्ट AI को न दिखाएं। असली डॉक्टर से मिलें, जो आपका पूरा चेकअप करे। AI टूल है, जादू की छड़ी नहीं। सावधान रहें। 



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