छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में रेल नेटवर्क की कमी से जूझते लाखों निवासियों की परेशानी को दूर करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक 11-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आजादी के 78 वर्ष बाद भी सरगुजा में रेल विस्तार न होने पर गहरी नाराजगी जताई गई है। कार्यकर्ता ने ब्रिटिश काल के चिरमिरी-बरवाडीह रेल सर्वे के अवशेषों का हवाला देते हुए कहा कि अंग्रेजों ने इसकी जरूरत समझी थी, लेकिन स्वतंत्र भारत में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा। ज्ञापन में कहा गया है कि रेल सुविधाओं की कमी से सरगुजा अंचल का समग्र विकास रुक गया है। व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
सुजान बिंद ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे पत्र में निम्नलिखित मांगें की हैं -
1. भटगांव से म्योरपुर (रेणुकूट) तक 94 किमी और परसा केते से कटघोरा (कोरबा) तक 75 किमी नई रेल लाइन बिछाई जाए।
2. अंबिकापुर से ह्वाया-कटनी, प्रयागराज होते हुए अयोध्या तक सीधी रेल सेवा शुरू की जाए।
3. अंबिकापुर से कटनी via ह्वाया-मिर्जापुर, मुगलसराय होकर पटना तक रेल कनेक्टिविटी प्रदान की जाए।
4. दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन छत्तीसगढ़ संपर्कक्रांति एक्सप्रेस को साप्ताहिक रूप से 3 दिन दुर्ग से और 3 दिन अंबिकापुर से चलाया जाए।
5. अंबिकापुर-दुर्ग ट्रेन को नागपुर (महाराष्ट्र) तक विस्तारित किया जाए। अंबिकापुर से प्रातः रायपुर के लिए इंटरसिटी एक्सप्रेस चलाई जाए।
6. चिरमिरी-रीवा ट्रेन को अंबिकापुर से शुरू किया जाए।
7. सरगुजा संभाग के सभी जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाए।
8. पूर्व की तरह अनूपपुर-अंबिकापुर मेमो ट्रेन को सुबह साढ़े 10 बजे फिर से शुरू किया जाए।
9. करंजी में 7 ट्रैक वाली वॉशिंग पिट स्थापित की जाए, जहां पहले से वर्कशॉप मौजूद है।
10. जयनगर रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर बनाया जाए।
11. अंबिकापुर रेलवे स्टेशन का नाम 'महाकवि कालिदास टर्मिनल' रखा जाए। स्टेशन पर एक अतिरिक्त अप प्लेटफॉर्म का निर्माण हो, क्योंकि वर्तमान में केवल डाउन प्लेटफॉर्म है जो ट्रेन संचालन में बाधा डालता है।
सुजान बिंद ने ज्ञापन में अपील की है कि इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई हो और प्रगति की जानकारी दी जाए। स्थानीय निवासियों ने इस कदम का स्वागत किया है। एक व्यापारी ने बताया, रेल न होने से माल ढुलाई महंगी पड़ती है, ये मांगें सरगुजा को रेल मानचित्र पर लाएंगी।




