अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शफी अहमद खान ने आम बजट को जन और मजदूर विरोधी करार देते हुए तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट श्रमिकों, कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों और आम मध्यवर्ग की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है। बजट में मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए ठोस प्रावधान नहीं किए, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है और मजदूर वर्ग पहले से ही आर्थिक दबाव में है। कल्याणकारी प्रावधानों और योजनाओं के लिए आवंटन न के बराबर बढ़ाया गया, जिससे श्रमिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन के नाम पर केवल कागजी घोषणाएँ की गई हैं, वास्तविक नए रोजगारों की कोई स्पष्ट रूपरेखा, समय सीमा या क्षेत्रवार योजना बजट में दिखाई नहीं देती। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने, ठेका व दैनिक वेतन भोगी मजदूरों की स्थिति सुधारने और सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने जैसे बुनियादी मुद्दों को दरकिनार कर दिया गया। शफी अहमद खान ने कहा कि मोदी सरकार की बजट में गरीब, किसान और मजदूर का नाम तो बार‑ बार लिया, लेकिन बजट की संख्याएँ बताती हैं कि सबसे कम लाभ इन्हीं वर्गों को मिलेगा। शफी अहमद खान ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि बजट का केंद्र मानव होना चाहिए, न कि केवल आंकड़े और घाटा‑लाभ का संतुलन , श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और बच्चों की शिक्षा पर विशेष पैकेज जरूरी है।

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