अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक ।। 10 मार्च 2026
इस साल माहे रमजान में एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है, जहां पूरे महीने में पांच जुमे पड़ सकते हैं। इससे दो अलविदा की नमाज अदा होने की मजबूत संभावना है। यह स्थिति 26 वर्ष बाद बनी है । आखिरी बार 1999-2000 में बनी थी। यदि रमजान 30 दिनों का रहा, तो आखिरी दिन 20 मार्च भी जुमे पर अलविदा की नमाज होगी। वहीं, 29 दिनों के चांद पर 20 मार्च को ईद होगी और अलविदा 13 मार्च को मानी जाएगी।
रमजान 20 फरवरी को शुरू हुआ। इस महीने के जुमे इस प्रकार हैं-
पहला जुमा: 20 फरवरी (गुजर चुका)
दूसरा जुमा: 27 फरवरी (गुजर चुका)
तीसरा जुमा: 6 मार्च (गुजर चुका)
-चौथा जुमा: 13 मार्च (आगामी)
पांचवां जुमा: 20 मार्च (संभावित अलविदा)
आम तौर पर रमजान में चार जुमे ही होते हैं, लेकिन इस बार 30 दिनों के चांद पर पांचवां जुमा पड़ रहा है। ईद उल फितर का त्योहार 21 मार्च (30 दिनों पर) या 20 मार्च (29 दिनों पर) मनाया जाएगा। चांद रात की स्थिति पर सब निर्भर करेगा।1999-2000 में ठीक वैसी ही स्थिति बनी, जहां दो अलविदा की नमाज अदा हुई थी।
2013 में 29 दिनों का चांद होने से ईद अगले दिन हुई, लेकिन दो अलविदा संभव थे। पुष्टि की गई है कि ऐसी परिस्थिति हर 12-13 साल में बनती है। इससे पहले 2013 में यही हुआ था। दो अलविदा की नमाज मुसलमानों के लिए विशेष बरकत का सबब बनती है।
धार्मिक महत्व और तैयारी
अलविदा की नमाज रमजान के आखिरी जुमे पर पढ़ी जाती है, जो माफी और बरकत का प्रतीक है। इस संयोग से मुसलमान दो बार विशेष दुआओं का मौका पा सकते हैं। मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उलेमा ने चांद देखने की अपील की है ताकि सही तारीख तय हो सके।



