देश विदेश।। खबरी गुल्लक।।
ईरान-अमेरिका–इजराइल युद्ध के सातवें दिन हालात और भड़क गए हैं। ईरान ने खाड़ी के कई अमेरिकी मित्र देशों पर मिसाइल और ड्रोन बरसाए, तो जवाब में अमेरिका और इजराइल ने ईरान के अहम सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए।
ईरान के हमले
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत, कतर, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों और ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए। कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस, कतर के अल उदैद एयर बेस और बहरीन में होटलों व आवासीय इमारतों के पास धमाकों और आग की खबरें हैं।
इजराइल और अमेरिका के हमले
इजराइल ने तेहरान के एक सैन्य बंकर, तेहरान के आसपास के ठिकानों, शिराज, इस्फहान और करमनशाह में मिसाइल व हवाई हमले किए; कई जगहों पर रातभर विस्फोट हुए और शिराज के जीबाशहर में कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर है। इजराइली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्ला के ठिकानों को भी निशाना बनाया।
अमेरिकी बी–2 स्टील्थ बमवर्षकों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल बेस पर भारी पेनिट्रेटर बम गिराए और एक ईरानी ड्रोन–वाहक पोत को भी निशाना बनाया।
हताहत और नुकसान
रिपोर्टों के मुताबिक ईरान में अब तक 1,250 से ज्यादा लोगों की मौत और हजारों घायल बताए जा रहे हैं, अनेक नागरिक ठिकाने नष्ट हुए हैं। लेबनान में 123 लोगों की मौत और सैकड़ों घायल, इजराइल में भी 11 मौतें और हजार से अधिक घायल बताए जा रहे हैं; अमेरिकी सेना के कम से कम 6 जवान मारे गए हैं। [
ट्रंप ने यह कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि युद्ध रोकने के लिए ईरान से किसी तरह की बातचीत तभी होगी, जब ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करे। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के भविष्य के नेता के चयन में भी अमेरिका की भूमिका होनी चाहिए और कहा कि ईरान को बाद में पहले से अधिक मजबूत बनाया जाएगा।



