अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।।
कोरिया जिले के झगराखाण्ड थाने में चार वर्ष पूर्व दर्ज जाली नोट के मामले में विशेष न्यायाधीश एनआईए श्री केएल चरयाणी की अदालत ने दो आरोपी राजू उर्फ रंजीत कश्यप (46 वर्ष, झगराखाण्ड) और शोभनाथ टोप्पो (34 वर्ष, टंकीदफाई मनेन्द्रगढ़) को दोषी ठहराया। दोनों को साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर चार-चार वर्ष कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालयीन सूत्रों के मुताबिक 15 सितंबर 2021 को झगराखाण्ड वार्ड-3 की सरीता केंवट को राजू ने मजूरी के एवज में 1000 रुपये के 100-100 के नोट दिए। सरीता ने 100 रुपये से दुकान पर सामान लिया, लेकिन अगले दिन दुकानदार सुशील ने नोट नकली बताकर लौटा दिया। शिकायत पर पुलिस ने राजू को गिरफ्तार किया, जिसने शोभनाथ पर नोट देने का आरोप लगाया। शोभनाथ के घर से 100-100 के 96 जाली नोट बरामद हुए थे।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विद्वान न्यायाधीश ने अभियुक्त राजू उर्फ रंजीत कश्यप को धारा 420 में 1 वर्ष कारावास व 1000 रुपये जुर्माना,धारा 489 ख में 4 वर्ष व 5000 रुपये, धारा 489 ग में 4 वर्ष व 1000 रुपये अर्थदंड, शोभनाथ टोप्पो को धारा 489 ग में 4 वर्ष कठोर कारावास व 5000 रुपये जुर्माना की सजा दी। लोक अभियोजक गौरांगो सिंह ने शासन की ओर से पैरवी की।
5000 में 20 हजार का नकली नोट खरीदा
पूछताछ में शोभनाथ ने बताया कि अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर अजय पटेल से 5000 रुपये असली नोट देकर 20,000 रुपये के जाली नोट लिए। इसमें से 10,000 रुपये राजू को दिए, जिसमें 2300 रुपये के नोट जाली थे। केस की जानकारी मिलने पर बाकी नोट फेंक दिए, शेष अलमारी में छिपाए थे।
3 गांजा तस्करों को 12-12 साल की सजा
विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट सरगुजा श्री अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दरिमा पुलिस के मामले में मनन साव 55 वर्ष बिहार, राजेन्द्र पासवान उर्फ बाजारू 26 वर्ष बिहार व देवकुमार पाण्डेय 25 वर्ष बिहार को 51 किलो गांजा तस्करी के लिए 12-12 वर्ष सश्रम कारावास व 1-1 लाख जुर्माना का सजा दिया। विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने पैरवी की।



