पीलीभीत, उत्तर प्रदेश।। खबरी गुल्लक ।।
जिले में एक अविश्वसनीय घटना ने चिकित्सा जगत को चौंका दिया है। 50 वर्षीय विनीता शुक्ला जो स्थानीय अदालत में वरिष्ठ सहायक हैं, 22 फरवरी 2026 को घरेलू कामकाज के दौरान अचानक बेहोश हो गईं। डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया था। परिजन निराश होकर उन्हें एंबुलेंस से घर ले जा रहे थे, तभी राष्ट्रीय राजमार्ग-74 पर हाफिजगंज के पास एक गड्ढे से लगे झटके ने करिश्मा कर दिखाया। महिला की सांसें सामान्य हो गईं और वे होश में आ गईं।
परिजनों के अनुसार, इलाज से कोई लाभ न होने पर वे महिला को घर ला रहे थे। गड्ढे के झटके के बाद न्यूरोसिटी हॉस्पिटल में दोबारा जांच हुई, जहां सफल उपचार के बाद वे पूरी तरह ठीक हो गईं। न्यूरोसर्जन डॉ. राकेश सिंह ने मीडिया को बताया कि यह कोई चमत्कार नहीं है। महिला को लाए जाने पर वे कोमा में थीं, लेकिन सांसें धीमी चल रही थीं। संदेह होने पर जहरीले कीड़े या सांप के काटने का इलाज किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम आया।



