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भाजपा नेता ने फार्महाउस 8 करोड़ के अफीम की खेती कर रखवाली के लिए तैनात किए थे बाउंसर.. गिरदावरी में बताया था मक्का - गेहूं की फसल

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दुर्ग।। खबरी गुल्लक।। 9 मार्च 2026।। 

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में  भाजपा नेता विनायक ताम्रकार  द्वारा साढ़े 5 एकड़ से अधिक खेत में अफीम की खेती किए जाने के मामले में विवेचना जैसे जैसे आगे बढ़ रही है चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में भाजपा द्वारा उसे पार्टी से निलंबित किया जा चुका है। ज्ञात हो कि भाजपा नेता द्वारा मक्का- गेहूं की फसल दिखाकर 5 एकड़ क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती की गई थी। पुलिस ने समोदा और झेनझरी गांव स्थित उनके फार्महाउस पर छापा मारकर 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे जब्त किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा गई थी। विनायक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। 

फार्महाउस की सुरक्षा व्यवस्था किसी किले जैसी थी। बाउंसरों की तैनाती से आम लोगों का प्रवेश नामुमकिन था। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे सालों से इस जगह के आसपास रहते हैं, लेकिन कभी अंदर नहीं घुसे। डिजिटल कृषि सर्वे में विनायक ने खेतों को गेहूं-मक्का के रूप में दर्ज किया था, जिससे सरकारी नजरों से यह खेती छिपी रही। पुलिस को मुखबिर की सूचना पर शक हुआ, और छापे में सच्चाई खुली।


अवैध खेती का जाल ऐसे बिछा

जांच अधिकारियों के मुताबिक, विनायक ने 2024 से ही यह साजिश रची। फार्महाउस को कृषि अनुसंधान केंद्र के नाम से चलाया जाता था, लेकिन अंदर अफीम के पौधे लहरा रहे थे। बरामद पौधों की ऊंचाई 2-3 फीट तक थी, जो जल्द ही कटाई के लिए तैयार हो चुके थे। सह-आरोपी किसान रामू और सुरेश ने खेती में मदद की। बाउंसरों को मासिक मोटा वेतन दिया जाता था, ताकि कोई सवाल न उठे। पुलिस ने फार्महाउस से उर्वरक, कीटनाशक और सिंचाई उपकरण भी बरामद किए।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

BJP किसान मोर्चा के इस पदाधिकारी का कारनामा पार्टी के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया। प्रदेश BJP अध्यक्ष ने कहा, हम अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जांच पूरी होने पर कड़ी कार्रवाई होगी। विपक्षी कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया। स्थानीय किसान संगठनों ने डिजिटल सर्वे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, क्योंकि इससे अवैध खेती आसानी से छिप जाती है।

नशीले पदार्थों पर पुलिस का सख्त रुख

दुर्ग SP ने बताया कि यह छत्तीसगढ़ में अफीम की सबसे बड़ी खेती है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को सूचित किया गया है। आरोपी पूछताछ में और नाम उगल रहे हैं। राज्य में नशीली फसलों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चल रहा है। पिछले साल 20 से ज्यादा मामले दर्ज हुए, लेकिन इसकी मात्रा रिकॉर्ड तोड़ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अफीम का कच्चा पेस्ट अंतरराष्ट्रीय तस्करों तक पहुंचता, जिससे युवाओं पर संकट बढ़ता। पुलिस ने फार्महाउस को सील कर दिया है। मामले में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है, जिसमें 20 साल की सजा हो सकती है। 


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