जानकारी के अनुसार सपना दर निवासी शिव शंकर पिता लूधा अपने घर में पत्नी के साथ गहरी नींद में सो रहे थे। इसी दौरान देर रात अचानक हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों की आहट और शोर सुनते ही दंपति की नींद खुली और वे किसी तरह घर से बाहर निकलकर भागे, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। बताया जा रहा है कि हाथियों ने घर के आसपास जमकर उत्पात मचाया और घर में रखा अनाज भी चट कर गए। पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने रात भर जागकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
हड़िया और महुआ शराब बड़ी वजह
आदिवासी अंचल सरगुजा में हड़िया और महुआ शराब हाथियों के उत्पात के लिए बड़ी वजह बताई जाती है। हाथी इसके गंध से आकर्षित होते हैं और सेवन की चाह में घरों में तोड़फोड़ करते हैं। रेंजर फेंकू चौबे का कहना है कि वन विभाग का मैदानी अमला हाथियों की लगातार निगरानी कर रहा है और समीप के बस्ती के लोगों को सतर्क भी कर रहा है। इन्होंने ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने और किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करने की समझाईश दी है।



