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हड़िया शराब के गंध से जंगली हाथी हुए आकृषित.. सेवन की चाह में माझी परिवार का आशियाना उजाड़ा... दहशत

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मैनपाट।। खबरी गुल्लक।। महेश यादव।।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड के ग्राम सपनादर में लंबे समय बाद जंगली हाथियों ने एक बार फिर से उत्पात मचाना शुरू कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। हाथियों के घरों पर हमले के लिए हड़िया और महुआ शराब के गंध को बड़ा कारण माना जाता है। रविवार की रात हाथियों ने एक माझी परिवार की झोपड़ी को तहस नहस कर दिया, इसके पीछे भी हड़िया शराब का गंध प्रमुख कारण बताया गया। गनीमत था कि हाथियों के हमले से कोई जनहानि नहीं हुई, वरना गंभीर घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था। इधर रेंजर फेंकू चौबे के नेतृत्व में वन विभाग का मैदानी अमला हाथियों की लगातार निगरानी कर रहा है और जिस ओर हाथी जा रहे हैं उस ओर की बस्ती में लोगों को सतर्क भी किया जा रहा है।  हाथियों के गांव में घुसते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए रात भर घरों से बाहर निकलकर इधर-उधर भागते रहे।

जानकारी के अनुसार सपना दर निवासी शिव शंकर पिता  लूधा अपने घर में पत्नी के साथ गहरी नींद में सो रहे थे। इसी दौरान देर रात अचानक हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों की आहट और शोर सुनते ही दंपति की नींद खुली और वे किसी तरह घर से बाहर निकलकर भागे, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। बताया जा रहा है कि हाथियों ने घर के आसपास जमकर उत्पात मचाया और घर में रखा अनाज भी चट कर गए। पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने रात भर जागकर किसी तरह अपनी जान बचाई।

हड़िया और महुआ शराब बड़ी वजह

आदिवासी अंचल सरगुजा में हड़िया और महुआ शराब हाथियों के उत्पात के लिए बड़ी वजह बताई जाती है। हाथी इसके गंध से आकर्षित होते हैं और सेवन की चाह में घरों में तोड़फोड़ करते हैं। रेंजर फेंकू चौबे का कहना है कि वन विभाग का मैदानी अमला हाथियों की लगातार निगरानी कर रहा है और समीप के बस्ती के लोगों को सतर्क भी कर रहा है। इन्होंने ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने और किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करने की समझाईश दी है। 


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