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धर्मांतरण से जनजातीय समाज की मूल पहचान, परंपरा और अधिकारों पर संकट... डीलिस्टिंग से होगी रक्षा! जनजातीय गर्जना महारैली की तैयारी ने पकड़ी रफ्तार....

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अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।।

जनजाति सुरक्षा मंच, सरगुजा द्वारा चलो दिल्ली अभियान को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से उरांव सामाजिक भवन पटेलपारा, अंबिकापुर में जाने वालों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें अभियान को सफल बनाने अभियान तेज करने पर जोर, डीलिस्टिंग कानून को लेकर समाज में जागरूकता, गांव-गांव जनसंपर्क बढ़ाने का आह्वान किया गया। इस दौरान अब तक के कार्यों की विस्तृत समीक्षा तथा दिल्ली में आयोजित होने वाली डीलिस्टिंग जनजातीय गर्जना महारैली को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में जनजाति सुरक्षा मंच के मार्गदर्शक बीरबल सिंह ने अपने संबोधन में डीलिस्टिंग कानून के विषय को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि धर्मांतरण के कारण जनजातीय समाज की मूल पहचान, परंपरा और अधिकारों पर संकट उत्पन्न हो रहा है। इसलिए डीलिस्टिंग कानून बनना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आयोजित होने वाली जनजातीय गर्जना महारैली इस विषय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

इस अवसर पर प्रांत सह संयोजक इन्दर भगत ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों से संपर्क करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और टोला-टोला जाकर समाज के प्रत्येक परिवार से संपर्क करें तथा लोगों को दिल्ली महारैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करें, ताकि जनजातीय समाज की आवाज देश की राजधानी तक मजबूती से पहुंच सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में गांव-गांव व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाएगा, ताकि महारैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया जा सके।

बैठक में जिला संयोजक बिहारी लाल उरांव, मानकेश्वर भगत, गिरधर भगत, पुष्पा प्रधान, तिलक राम, बालमुनि प्रधान, उमाशंकर खलखो, पावन पूर्णाहुति भगत, मानसून भगत, सुरेन्द्र भगत, सचिन भगत, रामबिहारी सिंह, संदीप भगत, सबल साय, उमेश किस्पोट्टा, ममता भगत, भगत राम भगत, बलजेंद्र भगत, अजीत मिंज, राम प्रसाद भगत, बसंत राम, मनोज पासवान, राजेंद्र पैंकरा, पुरुषोत्तम सिंह, आशा राम, एम.आई. निकुंज, सोनू मुंडा, सबीना भगत, अर्जुन लकड़ा, सनक राम, बलवंत राम, सीलो भगत, शांति भगत, सरोजना तिर्की, मुन्नी भगत, कमला भगत, बालों बाई, जयमनी भगत, बिलयंती भगत, सुमन भगत, लक्ष्मी भगत, सुनीता लकड़ा, आरती खलखो, प्रतिमा भगत, लक्ष्मी राम भगत, शिवशंकर, परमेश्वर भगत, रंजिता देवी, जीवंती भगत, हिरमा भगत, मेघाली भगत, निलावती भगत सहित बड़ी संख्या में जनजाति सुरक्षा मंच सरगुजा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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