बिलासपुर।। खबरी गुल्लक।।
जन्म से मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म के दोषी को ट्रायल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी, जिसे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा। पीड़िता ने प्लास्टिक की गुड़िया के सहारे इशारों से पूरी घटना का प्रदर्शन किया, जिसे कोर्ट ने ठोस सबूत माना।
घटना तब घटी जब पीड़िता घर में अकेली थी। उसके रिश्तेदार ने उसके सुनेपन का फायदा उठाकर बलात्कार किया। माता-पिता लौटने पर उसने इशारों से आरोपी पर आरोप लगाया। ट्रायल कोर्ट में गवाही के दौरान सवाल समझने में कठिनाई हुई, तो जज ने प्लास्टिक गुड़िया मंगवाई। पीड़िता ने गुड़िया से जबरन यौन संबंध की घटना सिलसिलेवार दिखाई। प्रशिक्षित दुभाषिए (मूक-बधिर शिक्षक) की मदद से बयान दर्ज हुआ। मेडिकल रिपोर्ट ने आरोप पुष्ट किए।
आरोपी ने सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अपील खारिज कर कहा कि मूक-बधिर गवाह इशारों या प्रदर्शन से बयान दे सकता है, इसे मौखिक सबूत माना जाएगा बेंच ने ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि पर मुहर लगाई कि पीड़िता सवाल समझने और जवाब देने में सक्षम थी।



