अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक ।। 9 मार्च 2026।
रंगों के त्योहार होली और महिला सशक्तिकरण के प्रतीक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का अनोखा संगम के प्रतिवर्ष की परंपरा को निभाते हुए तेजस्विनी क्षत्रिय महिला समाज ने इस बार रंग पंचमी एवं महिला दिवस पर सीमा टिंनी सिंह के खैरबार स्थित निवास पर एक यादगार होली मिलन समारोह का आयोजन किया। अध्यक्ष श्रीमती लतिका सिंह के नेतृत्व में यह आयोजन हर्षोल्लास से भरा रहा, जहां गुलाल की बौछारें, ढोलक की थाप और मधुर फाग गीतों ने वातावरण को होलियाना रंगों से सराबोर कर दिया। पुरानी मान्यता के अनुसार, रंग उड़ाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, और यहां तो यह ऊर्जा समाज की महिलाओं के उत्साह से दोगुनी हो गई। समाज की सभी महिला सदस्यें एकत्रित होकर ढोलक की मस्त थाप पर थिरकने लगीं। लाल, पीले, हरे रंगों की गुलाल एक-दूसरे पर उछाली गई, तो हंसी-ठिठोली की गूंज चारों ओर फैल गई। बच्चे-बूढ़े सभी रंगों के भंवर में डूबे नजर आए। होली का यह होलियाना माहौल इतना जीवंत था कि मानो बसंत की बहार खुद आकर नाच रही हो। सदस्यता शुल्क जमा करने का कार्य भी उत्सव का हिस्सा बन गया। सभी ने रसीद प्राप्त कर एकजुटता का परिचय दिया। महिला दिवस होने से कार्यक्रम में विशेष रौनक छाई रही; महिलाओं ने न केवल रंग खेले, बल्कि अपनी एकता और सशक्तिकरण का संदेश भी फैलाया। कार्यक्रम का चरमोत्कर्ष तो फाग गीतों की प्रस्तुति पर आया। सरिता सिंह, पूर्णिमा सिंह और अध्यक्ष लतिका सिंह ने मिलकर पारंपरिक फाग गीत गाए 'रंग लगावे रे गुलालवा, होली खेलें सब सँग सवालवा' जैसे भावपूर्ण गीतों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी मधुर आवाजें ढोलक की ताल पर झूम उठीं, तो उपस्थित सदस्य हाथ थपथपाते हुए नाचने लगे। ये फाग गीत न केवल मनोरंजन थे, बल्कि क्षत्रिय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक बने। सरिता सिंह की ऊर्जावान प्रस्तुति ने युवा सदस्यों को झकझोर दिया, जबकि पूर्णिमा सिंह के कोमल स्वरों ने भावुक कर दिया। लतिका सिंह ने तो नेतृत्व करते हुए सभी को एक मंच पर ला खड़ा किया। फाग गीतों के बीच रंगों की होली ने माहौल को और गर्म कर दिया। गुलाल की फुहारें हवा में उड़तीं, तो चेहरे खिल उठते।
होलियाना स्वाद का भी खूब आनंद लिया गया। स्वादिष्ट व्यंजनों में गुजिया, मठरी, दही वड़े और ठंडाई ने सबके स्वाद का ख्याल रखा। रंग खेलने के बाद ये पकवान त्योहार की परिपूर्णता प्रदान करने वाले साबित हुए। कार्यक्रम की समाप्ति से पूर्व आगामी आयोजनों पर विस्तृत चर्चा हुई। सदस्यों ने नई योजनाओं पर विचार-विमर्श किया, जो समाज को और मजबूत बनाएंगी। सभी सदस्यों की पूर्ण उपस्थिति ने इस मिलन को अविस्मरणीय बना दिया।
तेजस्विनी क्षत्रिय महिला समाज ने इस होली मिलन से साबित कर दिया कि रंग, गीत और एकता से त्योहार कितना जीवंत हो सकता है। महिला दिवस पर यह आयोजन महिलाओं की शक्ति का प्रतीक बना।



