दुर्ग।। खबरी गुल्लक।। 8 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) नामक खतरनाक बीमारी ने कहर बरपा दिया है। नारधा-मुडपार गांव के एक प्रमुख सूअर फार्म में 300 से अधिक सूअर की मौत हो गई। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पशुपालन विभाग ने बचे हुए करीब 150 सूअरों को जहरीला इंजेक्शन देकर मार डाला और सभी शवों को प्रोटोकॉल के तहत गहरे गड्ढों में दफना दिए। फार्म को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
यह फार्म मुडपार गांव का सूअर पालन का बड़ा केंद्र था, जो न केवल दुर्ग- भिलाई बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों और पड़ोसी राज्यों में सूअर मांस की सप्लाई करता था। फार्म मालिक ने बताया कि हमारे फार्म में कुल 300 से 400 सूअर थे, जिनमें 133 गर्भवती मादा सूअर और करीब 400 बच्चे शामिल थे। 29 मार्च 2026 को पहला सैंपल लिया गया था, लेकिन 1 अप्रैल से सूअरों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया। 6 अप्रैल तक 300 सूअर मर चुके थे।
क्या है यह बीमारी?
अफ्रीकन स्वाइन फीवर घरेलू और जंगली सूअरों को मारने वाली घातक वायरल बीमारी है। सूअरों के लिए 100% घातक साबित हो सकती है। विश्व स्तर पर यह सूअर उद्योग के लिए बड़ा खतरा है। भारत में 2020 से इसके मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में यह पहली बड़ी घटना है। विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
अलर्ट: सप्लाई चेन प्रभावित
फार्म मालिक को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय मांस व्यापारियों में दहशत है। पशुपालन विभाग ने सूअर फार्म मालिकों को सलाह दी है कि कोई भी संदिग्ध लक्षण बुखार, खांसी, तड़प दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करें। पड़ोसी राज्यों को भी अलर्ट किया गया है। पशुपालन अधिकारी ने कहा है कि संक्रमण रोकने के लिए कठोर कदम उठाए गए हैं। फार्म सील है और निगरानी जारी रहेगी।



