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जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा ने ओरियंटल पब्लिक स्कूल को थमाया नोटिस.! छात्रों से सभी मद से वसूले गए राशि पर 50 फीसदी जुर्माना का कड़ा प्रस्ताव, निजी दुकानों से सांठगांठ कर अभिभावकों से लूटखसोट का आरोप..

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 अंबिकापुर।। खबरी गुल्लक।। 17 अप्रैल 2026

अंबिकापुर  के विख्यात निजी संस्थान ओरियंटल पब्लिक स्कूल के संचालन और फीस व्यवस्था पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सख्त नजर रखते हुए  कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा दिनेश कुमार झा ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ यह कार्रवाई संबंधित बैठकों, शिकायतों और हालिया जांच के आधार पर प्रस्तावित की है, जिसमें अभिभावकों का शोषण और निजी प्रकाशकों की मंहगी किताबें थोपने का गंभीर आरोप शामिल है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा ओरियंटल पब्लिक स्कूल के प्राचार्य/प्रबंधक को भेजे गए नोटिस में बैठकों और पत्रों का संदर्भ दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी के अधिकारियों ने इन बैठकों में निर्देश दिए थे कि स्कूल, अभिभावकों को किसी खास पुस्तक दुकान या निजी प्रकाशक से बंधित न करें और फीस वृद्धि सरकारी दिशा–निर्देशों के दायरे में रखें, पर जांच में इन निर्देशों का उल्लंघन सामने आया है। 

 अभिभावकों पर महंगी किताबें थोपने का आरोप

जिला शिक्षा अधिकारी की 11 अप्रैल की पालक शिक्षक बैठक में कई अभिभावकों ने शिकायत दर्ज की कि कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए किताब कॉपियां जिस दुकान से खरीदनी हैं, यह स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट रूप से नहीं बताया। बावजूद इसके, अम्बिकापुर की दुकान राणा ब्रदर्स में निजी प्रकाशकों की महंगी किताब कॉपियों के सेट स्कूल के हिसाब से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 

कुछ अभिभावकों ने बताया कि वे एम.पी. डिपार्टमेंटल स्टोर से भी सेट वाली किताबें खरीद रहे हैं, लेकिन दोनों ही स्थितियों में किताबों का मूल्य अत्यधिक ऊँचा माना जा रहा है। एक अभिभावक ने बताया कि उनकी कक्षा 2वीं की बेटी के लिए पुस्तक विक्रेता ने पूरा सेट न लेने पर किताब न देने की बात कही है, जिसे अभिभावक जबरन बिक्री और शोषण के रूप में देख रहे हैं। विभाग के नोटिस में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि ऐसा लगता है कि स्कूल प्रबंधन, निजी प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं के बीच सांठ– गांठ के चलते अभिभावकों पर ऊँचे मूल्य की किताबें थोपी जा रही हैं, जिससे उनके ऊपर अनावश्यक आर्थिक बोझ बना हुआ है। 

 फीस में मनमानी वृद्धि और जुर्माने का प्रस्ताव

जांच में यह भी पाया गया कि शिक्षा सत्र 2026–27 में ओरियंटल पब्लिक स्कूल ने वार्षिक शुल्क में 9 से 13 प्रतिशत तक और शिक्षण शुल्क में लगभग 9.4 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। यह वृद्धि अभिभावकों और शिक्षा विभाग के दिशा–निर्देशों में दिए गए अधिकतम सीमा से अधिक या उसके निकट है, जिसे अनुचित और अनियमित माना जा रहा है। इन आरोपों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने प्रस्ताव रखा है कि छात्र–छात्राओं से वसूली गई कुल फीस राशि सभी मदों सहित का 50 प्रतिशत राशि के रूप में जुर्माना लगाया जाए। यह राशि स्कूल के विरुद्ध वित्तीय जुर्माना के रूप में काटी जा सकती है, यदि आरोप साबित होते हैं। 

 नोटिस के जवाब और आगे की कार्रवाई

स्कूल प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि ऊपर बताई गई कण्डिकाओं किताब–कॉपी विवाद, फीस वृद्धि, निर्देशों का उल्लंघन के संबंध में पत्र प्राप्ति के 2 दिन के भीतर लिखित जवाब देना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने इस मामले को जांच के दायरे में रखते हुए स्कूल प्रबंधन से सभी दस्तावेज, फीस संरचना और पुस्तक आपूर्ति की व्यवस्था के साक्ष्य भी मांगे हैं। 

यदि जांच में पाया जाता है कि स्कूल ने  निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपीं, अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से खरीदने का दबाव बनाया  या  फीस सीमा से अधिक या बिना निर्धारित अनुमति के वृद्धि की है,  तो विभाग मान्यता प्रोत्साहन, अनुदान रोक या अन्य प्रशासनिक दंड जैसी कार्रवाई भी कर सकता है, जो राज्य सरकार के नियमों के अनुसार लागू हैं। 



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