ADD

सरगुजा में सर्व समाज ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन.. ओबीसी के लिए जनगणना में अलग कॉलम की मांग, नहीं मानी गई तो रेल रोको आंदोलन

0


अम्बिकापुर।। खबरी गुल्लक ।। 15 अप्रैल 2026

 सरगुजा जिले में सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने  राष्ट्रपति के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में भारत सरकार के राजपत्र में जारी जातिगत जनगणना के प्रावधानों पर गहरी आपत्ति जताई गई है, खासकर अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी के लिए अलग कॉलम न होने पर। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू होगा, जिसमें 26 अप्रैल को रेल रोको अभियान भी शामिल है। ज्ञापन सौंपने का यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों, ओबीसी संगठनों और सर्व समाज के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कांग्रेस नेता लक्ष्मी गुप्ता ने किया, जिन्होंने बताया कि देश की लगभग 52 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, लेकिन आगामी जनगणना में इस वर्ग की स्पष्ट गणना न होने से सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हो रहा है। ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का सही आंकड़ा न आने से आरक्षण, योजनाओं और विकास के लाभ सही तरीके से वितरित नहीं हो पाते। राजपत्र में केवल एससी-एसटी के लिए अलग कॉलम हैं, ओबीसी को नजरअंदाज किया गया है, जो असंवैधानिक है। 

ज्ञापन में मांग की गई है कि 2027 में प्रस्तावित जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए पृथक कॉलम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से तत्काल संशोधन की अपील की, ताकि ओबीसी समाज को उनके हक के अनुपात में लाभ मिल सके। एक प्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर बताया यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर का है। बिहार और अन्य राज्यों में जातिगत सर्वे से साबित हो चुका है कि ओबीसी की आबादी अपेक्षित से अधिक है। सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल जिले में भी ओबीसी वर्ग मजबूत है, लेकिन बिना सटीक आंकड़ों के उनका कोई हक नहीं बनता।

सर्व समाज ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन तेज होगा। पहले चरण में 26 अप्रैल को सरगुजा जिले में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार पर होगी। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ होगा। यह घटना जातिगत जनगणना को लेकर देशव्यापी बहस के बीच महत्वपूर्ण है। विपक्षी दल लंबे समय से ओबीसी गणना की मांग कर रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे जटिल बता रहा है। 



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)