ADD

मतदाता सूची से नाम कटवाने फॉर्म‑7 के माध्यम से झूठी जानकारी देने वाले पर दर्ज हो FIR..! कोतवाली पुलिस ने न्यायालय जाने दे दी सलाह .. परवेज आलम गांधी ने IG को लिखा पत्र..

0

अंबिकापुर।।खबरी गुल्लक।।

शहर के बरेजपारा निवासी परवेज आलम गांधी  ने थाना  अंबिकापुर और जिला प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अंबिकापुर को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें उसके खिलाफ SIR के दौरान फॉर्म‑7 के माध्यम से झूठी व दुर्भावनापूर्ण शिकायत दर्ज करके मतदाता सूची से नाम विलोपित कराने की कोशिश आरोप लगाया है। आवेदक परवेज आलम गांधी ने  इस पत्र में बताया है कि 25 फरवरी 2026 को आईजी को अपराध दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया, लेकिन 7 मई, 2026 को सिटी कोतवाली अंबिकापुर पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप न करने की बात कह दी और आवेदक को स्वयं कोर्ट से एफआईआर कराकर लेने की सलाह दी गई, जिसे आवेदक ने न्याय की प्रक्रिया को कमजोर करने वाला कदम बताया है। इस तर्क से आवेदक ने तर्क दिया है कि मतदाता सूची में अन्यायपूर्ण ढंग से छेड़छाड़, झूठी शिकायतों और फर्जी फॉर्म‑7 के माध्यम से नाम काटने के प्रयास, लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गंभीर रूप से कमजोर करते हैं और इन पर बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के कठोर कानूनी कार्यवाही की मांग की गई है। 

पत्र में आवेदक परवेज आलम ने बताया है कि दिनांक 15 फरवरी 2026 को थाना शहर अंबिकापुर में एक लिखित आवेदन दिया गया, जिसमें उनके विरुद्ध फॉर्म‑7 पर Absent/Permanently Shifted अंकित कर मतदाता सूची से नाम हटाने का प्रयास किया गया। आवेदन में यह दावा किया गया है कि शिकायत पूर्णतः असत्य, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण थी, जिसे जवाहर सिंह नामक शिकायतकर्ता ने लोकसेवक को गलत जानकारी देकर भरवाया। 

आवेदक ने इस कृत्य को सुनियोजित एवं आपराधिक आशय  से प्रेरित बताते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 227, 228, 61 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत अपराध बताया, लेकिन  25 फरवरी, 2026 तक आवेदन दाखिल करने के बावजूद प्रभावी आपराधिक कार्यवाही नहीं होने की शिकायत की गई है। 

आवेदक परवेज आलम गांधी ने अपने पत्र में इशारा किया है कि नामजद व्यक्ति स्थानीय स्तर पर सत्ताधारी भाजपा से जुड़े पदाधिकारी हैं, जिसके कारण मामले में निष्पक्ष और निर्भीक कार्यवाही प्रभावित हुई प्रतीत होती है। 

यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब पूरे छत्तीसगढ़ में एसआईआर  प्रक्रिया के दौरान झूठी शिकायतों के जरिए वैध मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतें बढ़ी है। 

यह है मांग

परवेज आलम ने पुलिस महानिरीक्षक से यह की है मांग

 घटनाक्रम की तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज किया जाए, फॉर्म‑7, सर्वर लॉग, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखकर वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित की जाए।   प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए, ताकि न्याय की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। 



एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)