राज्यपाल पुरस्कार के लिए उम्मीदवार चयन में अनियमितता का आरोप.. शिक्षिका के विरुद्ध जांच की मांग - कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी ने संयुक्त संचालक शिक्षा को सौंपा ज्ञापन

राज्यपाल पुरस्कार के लिए उम्मीदवार चयन में अनियमितता का आरोप.. शिक्षिका के विरुद्ध जांच की मांग - कांग्रेस नेता परवेज आलम गांधी ने संयुक्त संचालक शिक्षा को सौंपा ज्ञापन

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अंबिकापुर।खबरी गुल्लक 

राज्यपाल पुरस्कार के लिए सरगुजा संभाग से चयनित शिक्षकों के चयन प्रक्रिया पर गंभीर आरोप उठे हैं। अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव परवेज आलम ने संयुक्त संचालक शिक्षा सरगुजा संभाग को  पत्र भेजकर चयन की निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा संभावित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में विशेष रूप से एक प्राथमिक शाला  की प्रधान पाठक  का नाम लिया गया है और उनके खिलाफ पूर्व में मिली शिकायतों के सत्यापन की भी मांग की गई है। परवेज आलम ने अपने पत्र में कहा है कि जिलास्तरीय कार्यालयों में तैनात कुछ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन आवेदनों और दस्तावेज़ी प्रक्रिया को प्रभावित कर निहित स्वार्थ के अनुशंसित नामों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका आरोप है कि इससे वर्षों से समर्पण पूर्वक सेवा देने वाले वास्तविक उत्कृष्ट शिक्षकों के अधिकारों के साथ अन्याय हो रहा है। पत्र में कहा गया है कि कई शिक्षक सीमित वेतन से स्कूल में रंग-रोगन, पाठ्य सामग्री और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में व्यक्तिगत वित्तीय सहयोग भी करते हैं, बावजूद इसके उन्हें सम्मान और पुरस्कार के अवसर नहीं मिलते।

यह है मांग 

 चयनित सभी शिक्षकों की पात्रता और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप चयन की जांच कराई जाए।  ऑनलाइन आवेदनों, दस्तावेजों और अनुशंसा पत्रों का परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग कर सुविधा तो नहीं मुहैया करवाई।  चयनित शिक्षकों की वास्तविक विद्यालयीन उपस्थिति, शिक्षण कार्य, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति एवं विद्यालय विकास में योगदान का भौतिक सत्यापन हो।  इस वर्ष चयनित शिक्षिका  के खिलाफ पूर्व में मिली शिकायतों की जांच कर उनके निपटारे तथा विभागीय कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए।  संबंधित शिक्षिका के मूल विभाग, पदस्थापन और युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप हुई या नहीं, इसकी जांच की जाए।   विद्यार्थियों से किसी प्रकार की राशि लेने की आशंका की जांच कर, ली गई राशि की रसीद, उपयोग और विद्यालय अभिलेखों का परीक्षण कराया जाए।  पुरस्कार के लिए अनुशंसा करने वाले अधिकारियों तथा चयन समिति की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच हो।  यदि अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

विद्यालय में पीने का पानी तक नहीं 

पत्र में बताया गया है कि प्राथमिक शाला  अंबिकापुर में बच्चों के लिए पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं हैं। यह बात तब उठी है जब उसी विद्यालय की प्रधानाचार्य को राज्यपाल पुरस्कार के लिये चयनित बताया गया है, जिससे स्थानीय लोग और शिक्षक समुदाय नाराज हैं। परवेज आलम ने कहा कि पुरस्कार की प्रतिष्ठा तभी बनी रह सकती है जब चयन वास्तविक शैक्षिक योगदान और समर्पण के आधार पर पारदर्शी रूप से हो।

परवेज आलम गांधी ने संयुक्त संचालक शिक्षा से अनुरोध किया है कि उपरोक्त शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए त्वरित, स्वतंत्र और तथ्यपरक जांच आदेशित की जाए तथा जांच के निष्कर्षों से शिकायतकर्ता को भी अवगत कराया जाए। उन्होंने एक प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक  के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी अंबिकापुर में चल रही जांच का भी उल्लेख किया है और उसकी स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है। प्रतिलिपि के रूप में पत्र की नकल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव तथा निदेशक, शिक्षा विभाग को भेजने की जानकारी भी दी गई है।

जेडी कार्यालय से जांच के लिए आया निर्देश - beo 

इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी ललित जटवार ने कहा कि संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय से इस संबंध में जांच के लिए कहा गया है,उन्होंने बताया कि संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर दस्तावेजों की जांच करते हुए प्रतिवेदन संयुक्त संचालक को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि यह जिला स्तर का मामला है।


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