वर्ष 1986 में लिया नेत्रदान का संकल्प चार दशक बाद हुआ साकार.. स्वर्गीय कौनतेय जायसवाल के परिजनों की सहमति व रेडक्रॉस, चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयास से पूरी हुई प्रक्रिया

वर्ष 1986 में लिया नेत्रदान का संकल्प चार दशक बाद हुआ साकार.. स्वर्गीय कौनतेय जायसवाल के परिजनों की सहमति व रेडक्रॉस, चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयास से पूरी हुई प्रक्रिया

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अंबिकापुर, 05 सितंबर 2026।

  जायसवाल समाज के संरक्षक एवं जायका मसाला फैक्ट्री अजीरमा अंबिकापुर के संचालक कौनतेय जायसवाल का 4 सितंबर 2026 को निधन हो गया। उनके द्वारा वर्ष 1986 में नेत्रदान का संकल्प लिया गया था। उनके निधन के उपरांत उनके परिजनों द्वारा उक्त संकल्प को सम्मानपूर्वक पूर्ण करने हेतु सहमति प्रदान की गई, जिसके फलस्वरूप उनका नेत्रदान संपन्न कराया गया। नेत्रदान के संबंध में परिजनों द्वारा इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा के आजीवन सदस्य डॉ. अर्पण सिंह चौहान से संपर्क किया गया। तत्पश्चात इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा द्वारा आवश्यक समन्वय करते हुए राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज संबद्ध चिकित्सालय, अंबिकापुर के नेत्र विभाग से संपर्क स्थापित किया गया तथा आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की गई। इस कार्यवाही में डॉ. जे.के. रेलवानी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय अंबिकापुर का आवश्यक प्रशासनिक समन्वय एवं त्वरित सहयोग प्राप्त हुआ। उनके सहयोग से नेत्रदान की आवश्यक प्रक्रिया को सुचारु एवं समयबद्ध रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। डॉ. रजत टोप्पो, नेत्रदान अधिकारी के मार्गदर्शन में चिकित्सकीय टीम द्वारा नेत्रदान की आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की गई। इस दौरान डॉ. अभिजीत जैन एवं डॉ. अभिषेक का भी महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सहयोग प्राप्त हुआ। नेत्रदान की प्रक्रिया में  रमेश घृतकर, सहायक नेत्रदान अधिकारी; मो. शाहिद हुसैन, नेत्र सहायक अधिकारी;  जय प्रकाश विश्वकर्मा, नेत्र सहायक अधिकारी तथा सुश्री आरती सारथी, नेत्र सहायक अधिकारी का आवश्यक सहयोग रहा। नेत्रों को सुरक्षित रूप से CIMS, बिलासपुर स्थित नेत्र बैंक भेजने हेतु मो. शाहिद हुसैन, नेत्र सहायक अधिकारी एवं श्री निरंजन तिर्की, वाहन चालक द्वारा आवश्यक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी ,जिला शाखा सरगुजा ने स्वर्गीय  कौनतेय जायसवाल के परिजनों द्वारा शोक की अत्यंत कठिन घड़ी में उनके लगभग चार दशक पुराने नेत्रदान संकल्प को पूरा करने हेतु प्रदान की गई सहमति एवं सहयोग को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया है। परिवार का यह निर्णय स्वर्गीय श्री जायसवाल जी की इच्छा का सम्मान करने के साथ-साथ समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने वाला अनुकरणीय उदाहरण है।

इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा द्वारा इस मानवीय कार्य में सहयोग प्रदान करने वाले स्वर्गीय श्री कौनतेय जायसवाल जी के परिजनों, जिला चिकित्सालय प्रशासन, मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग की चिकित्सकीय टीम तथा समस्त सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।

यह नेत्रदान समाज में नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश देता है। इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा नागरिकों से अपील करती है कि वे नेत्रदान एवं अंगदान के महत्व को समझते हुए स्वयं संकल्प लें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें।

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